धोनी ने की ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज की बराबरी, सीरीज में लग गई रिकॉर्ड की झड़ी

नई दिल्ली(16 जून): टीम इंडिया ने जिंबाब्वे को तीसरे वनडे में 10 विकेट से हराकर सीरीज 3-0 से जीत ली। इस दौरान सीरीज़ में क़रीब दर्जन भर रिकॉर्ड बने, कई रिकॉर्ड कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए बेहद ख़ास रहे।

कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ इस सीरीज़ में वनडे मैचों में अपने 350 शिकार पूरे किए और ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय बन गए हैं। विश्व में यह कारनामा करने वाले वह चौथे विकेटकीपर बन गए हैं। विकेट के पीछे कैच लपक कर उन्होंने एल्टन चिगम्बुरा को अपना 350वां शिकार बनाया। 278 में धोनी के नाम 261 कैच और 89 स्टंपिंग हैं। इस लिस्ट में श्रीलंका के कुमार संगाकारा 482 शिकार के साथ टॉप पर हैं।

20 महीने का वक्त 

इस सीरीज़ में पहली बार धोनी को बल्लेबाज़ी का मौक़ा नहीं मिला लेकिन अपनी कप्तानी और विकेटकीपिंग के दम पर वह छाये रहे। लेकिन उनकी अगुआई में टीम इंडिया को वनडे सीरीज़ जीतने में 20 महीने का वक्त लग गया। पिछली दफ़ा भारत ने उनकी अगुआई में विंडीज़ टीम को शिकस्त दी थी, धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने विदेश में पहली बार क्लीन स्वीप करने का कारनामा भी किया।

अंतरर्राष्ट्रीय वनडे में धोनी के नाम अब 107 जीत दर्ज हो गई हैं। वनडे में सबसे ज़्यादा जीत हासिल करने के मामले में धोनी, रिकी पॉन्टिंग (165 जीत) के बाद दूसरे नंबर पर आ गए हैं। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलन बॉर्डर के नाम भी 107 जीत दर्ज हैं। इस सीरीज़ में भारतीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार तीन ओपनर्स को डेब्यू करने का मौक़ा दिया गया। लोकेश राहुल, करुण नायर और फ़ैज़ फज़ल को सीरीज़ में पहली बार अंतरर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हुए ओपनिंग का मौक़ा मिला।

लोकेश राहुल ने बनाए सबसे ज़्यादा रन 

लोकेश राहुल ने अपने पहले ही मैच में नाबाद शतक लगाकर रिकॉर्ड बनाया। ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय और दुनिया के 11वें बल्लेबाज़ बन गए। करियर के अपने पहले तीन मैचों में लोकेश राहुल ने सबसे ज़्यादा 196 रन बनाए। अपनी पहली सीरीज़ में सबसे ज़्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड नवजोत सिंह सिद्धु के नाम है जिसमें उन्होंने 199 रन बनाए थे। जबकि फ़ैज़ फ़ज़ल ने 30 साल 282 दिन की उम्र में डेब्यू किया। पिछले डेढ़ दशक में किसी अधिक उम्र के क्रिकेटर का यह नया रिकॉर्ड है।

इस सीरीज़ में जसप्रीत बुमराह ने 9 विकेट हासिल किए। पहले चार मैच में उनके नाम 11 विकेट हो गए हैं, यह रिकॉर्ड पहले आरपी सिंह (4 मैच में 10 विकेट) के नाम था। ज़िम्बाब्वे के लिए यह दौरा बहुत ही ख़राब साबित हुआ। उनकी टीम ने प्रति विकेट 14.37 के औसत से रन बनाए जो उनका दूसरा सबसे ख़राब प्रदर्शन है। पूरी सीरीज़ में ज़िम्बाब्वे के गेंदबाज़ बस तीन ही विकेट हासिल कर पाए।