30 साल के ब्रेनडेड युवक ने चार लोगों को दी नई जिंदगी

नई दिल्ली ( 19 जनवरी ): राजस्थान के सबसे बडे सवाई मानसिंह अस्पताल में आज एक ब्रेन डेड युवक के अंगो से पहली बार लीवर सफल ट्रांसप्लांट किया गया और दो लोगों को किडनी ट्रांसप्लांट की गयी।

अस्पताल के चिकित्सकों की टीम द्वारा लगभग छह घंटे की कड़ी मेहनत से करीब 20 से अधिक चिकित्सकों की टीम ने यह ऑपरेशन किया। अपनी तरह के इस ट्रांसप्लांट से राजस्थान के चिकित्सा इतिहास में एक कीर्तिमान कायम किया गया है।

उल्लेखनीय है कि ब्रेनडेड दीपक के परिजनों ने कल उसका लीवर, हार्ट और दो कीडनियों का ट्रांसप्लांट कराने पर सहमति दे दी थी। परिजनों की सहमति के बाद युवक का लीवर और दो कीडनियों को जयपुर में ही लगाने का निर्णय लिया गया तथा हार्ट को दिल्ली में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइस (एम्स) में भर्ती एक 19 वर्षीय किशोर को ट्रांसप्लांट करने के लिये विशेष विमान से दिल्ली भेजा गया। जहां उस किशोर का भी हार्ट ट्रांसप्लांट कर दिया गया।

एसएमएस कॉलेज के प्राचार्य यू एस अग्रवाल ने बताया कि ब्रेन डेड युवक के शरीर से निकाला गया लीवर का ट्रांसप्लांट करने के लिये बीमार युवक को कल ही भर्ती कर लिया गया था और आज सवेरे छह घंटे से भी अधिक समय में बीस से अधिक चिकित्सकों की टीम ने सफल प्रत्यारोपण कर दिया। उन्होंने कहा इसी तरह कीडनियों का भी प्रत्यारोपण कर दिया गया है।

राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने सफल लीवर और किडनी प्रत्यारोपण पर एसएमएस मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल के चिकित्सकों व चिकित्साकर्मियों की टीम को बधाई दी है। उन्होंने एसएमएस हॉस्पिटल के पहले सफल लीवर ट्रांसप्लांट को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि चिकित्सा जगत में प्रदेश की यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उन्होंने ब्रेनडेड घोषित होने के बाद डोनर युवक के परिजनों को ओर्गन डोनेट करने के निर्णय के लिए साधुवाद देते हुये कहा कि डोनर के अंगों ने 4 व्यक्तियों को जीवनदान दिया है। युवक के लीवर के साथ ही 2 किडऩी का भी जयपुर में ट्रांसप्लांट किया गया। उनके दिल का दिल्ली के एम्स में सफल ट्रांसप्लांट किया गया।