मोदी ने प्रभु की ट्रेन को दिखाई लाल झण्डी...रेल अब भरोसे ?

नई दिल्ली (24 अगस्त): एक हफ्ते में  दो रेल हादसों के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने प्रधानमंत्री से इस्तीफे की पेशकश की लेकिन उन्हें इंतजार करने को कहा गया। माना जा रहा है कि बहुत जल्द कैबिनेट में फेरबदल होने वाला है और इसमें रेल मंत्रालय भी किसी और को सौंपा जा सकता है। कैबिनेट में कुछ नए लोगों को भी शामिल किया जा सकता है जो योजनाओं को जनता तक पहुंचा सकें। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अर्थव्यवस्था का जानकार कोई सीनियर मंत्री या बीजेपी शासित राज्य का कोई वरिष्ठ नेता रेल मंत्रालय का कार्यभार संभाल सकता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब सुरेश प्रभु के इस्तीफे को लेकर सवाल किया गया था तो उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री इस संबंध में फैसला लेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सरकार को इस बात का अनुमान नहीं था कि सुरेश प्रभु प्रधानमंत्री से मुलाकात और इस्तीफे के पेशकश के बारे में ट्वीट करेंगे।