2016-17 बीते एक दशक का रहा सबसे बुरा साल, रेल हादसे में हुईं सबसे ज्यादा मौतें

नई दिल्ली ( 23 अगस्त ): रेलवे यात्री सुरक्षा के चाहे जितने दावे करे पर हादसे नहीं रुक रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर उत्तर प्रदेश में ही दूसरा ट्रेन हादसा हुआ है। बीते शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस हादसे में 22 लोग मारे गए थे। इसके बाद बुधवार को औरैया के पास कैफियत एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के चलते 70 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। 

एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते एक दशक में रेल हादसों में कुल 458 लोग मारे गए हैं, जिनमें से 193 लोगों की मौत 2016-17 के दौरान दुर्घटनाओं में हुई है। 2016-2017 के दौरान रेल दुर्घटनाओं में एक दशक में सबसे अधिक मौंत हुई है। 

रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक दशक में देश में कुल 1,394 रेल हादसे हुए। इनमें आधे से अधिक हादसे (708) ट्रेन के पटरी से उतर जाने से हुए। इन हादसों में कुल 458 लोग मारे गए। अकेले पिछले साल कुल 104 रेल हादसे हुए जिसमें औसत से कहीं अधिक यानी तीन चौथाई (78) ट्रेन के पटरी से उतरने की वजह से हुए। वहीं पिछले साल इन सभी हादसों में कुल 193 लोग मारे गए। यानी 2016-17 में सभी हादसों और ट्रेन के पटरी से उतरने के मामलों का आंकड़ा सालाना औसत के अनुरूप ही है। लेकिन इन हादसों में हुई मौतों के लिहाज से पिछला साल काफी बुरा रहा। 

आपको बता दें कि सुरेश प्रभु ने 5 दिन के अंदर हुए दो रेल हादसों के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकता की और इस्तीफे की पेशकश की है।