पुलवामा हमले पर इमरान खान का नया झूठ, कहा- स्थानीय आतंकियों ने किया था अटैक, जैश की वजह से PAK हुआ बदनाम

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 जुलाई): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद पाकिस्तान के पीएम इमरान खान का भी एक और झूठ सामने आया है। इमरान का ये झूठ पुलवामा अटैक को लेकर सामने आया है। एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में इमरान ने कहा कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले में कश्मीर का लोकल आतंकी शामिल था न कि पाकिस्तानी। लेकिन हमले में जैश-ए-मोहम्मद का नाम आने से  पाकिस्तान का नाम दुनिया के सामने आ गया। क्योंकि, इस हमले की जिम्मेदारी जैश ने ही ली थी। हालांकि, इमरान ने ये जरुर माना है कि पाकिस्तान में कई आतंकी संगठन चल रहे हैं। इसी इंटरव्यू में उन्होंने पाकिस्तान में 40 आतंकी संगठन के काम करने की बात कबूली। इमरान ने दावा किया कि पाकिस्तान की पिछली सरकारों ने अमेरिका को आतंकी संगठनों के बारे में सच नहीं बताया।

पुलवामा हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था, इस बात के सबूत भारत ने पाकिस्तान को सौंपे भी थे। इतना ही नहीं जिन आतंकी अड्डों से इस हमले की साजिश रची गई थी, वहां बालाकोट में भारतीय वायुसेना ने एयरस्ट्राइक की थी और उन ठिकानों को नष्ट कर दिया था। सिर्फ पुलवामा ही नहीं बल्कि न्यूयॉर्क में हुए 9/11 आतंकी हमले को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी की, उन्होंने कहा कि उस हमले का पाकिस्तान से कोई लेना देना नहीं है।

इमरान ने कहा ने दावा किया कि 'हम अमेरिका के साथ आतंक के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। पाकिस्तान का 9/11 से कोई लेना देना नहीं है। पाकिस्तान में कोई तालिबान नहीं है। लेकिन हमने लड़ाई में अमेरिका का साथ दिया। दुर्भाग्यवश, जब चीजें खराब हुईं तो मैंने सरकार की आलोचना की लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने अमेरिका को जमीनी हकीकत के बारे में नहीं बताया। इमरान खान ने ये बातें कांग्रेस की शीला जैकसन ली द्वारा आयोजित कैपिटल हिल रिसेप्शन को संबोधित करते वक्त कही। इमरान खान ने कहा कि 'पाकिस्तान में 40 विभिन्न आतंकी संगठन चलाए जा रहे थे। इसलिए पाकिस्तान ऐसे दौर से गुजरा, जहां हम जैसे लोग यह सोच रहे थे कि इससे निपटेंगे कैसे। वहीं अमेरिका हमसे और ज्यादा की उम्मीद कर जंग जीतने के लिए मदद मांग रहा था। तब पाकिस्तान अपने ही अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा था।'

साथ ही इमरान खान ने ये भी दावा किया कि पाकिस्तान को अपनी धरती पर आतंकी ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी के बारे में पता था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने ही अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए को जानकारी मुहैया कराई, जिसकी मदद से अमेरिका अल कायदा चीफ ओसामा बिन लादेन तक पहुंचा था। हालांकि इमरान खान का ये बयान पाकिस्तान के आधिकारिक रुख के उलट है। आपको बता दें कि पाकिस्तान ने आधिकारिक रूप से यही कहा कि दो मई 2011 को एबटाबाद में अमेरिकी नेवी सील द्वारा रात में लादेन को मार डालने तक उसे ओसामा बिन लादेन के ठिकाने की कोई जानकारी नहीं थी।