स्विस बैंक की लिस्ट को संसद में क्यों नहीं रखते पीएम मोदी: राहुल गांधी

नई दिल्ली ( 27 दिसंबर ): नोटबंदी पर सरकार को घेरने के लिए मंगलवार दोपहर को कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष की महत्वपूर्ण बैठक हुई और उसके बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई, जिसमें राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी से न कालाधन खत्म हुआ न भ्रष्टाचार। पीएम ने कहा था कि 30 दिसंबर तक सब ठीक हो जाएगा, लेकिन अभी तक स्थिति वैसी की वैसी ही है। पीएम को जवाब देना होगा। वहीं ममता ने कहा कि ये अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है। इस बैठक में कांग्रेस, टीएमसी, आरजेडी, जेडी(एस), जेएमएम, आईयूएमएल और एआईयूडीएफ समेत आठ विपक्षी पार्टियां शामिल हुईं।

ममता ने कहा कि पीएम ने 50 दिन मांगे थे। क्या अब वो इस्तीफा देंगे। देश में हालात ठीक नहीं हैं। इन चालीस दिनों में देश 20 साल पीछे चला गया है जो काम आरबीआई को करना चाहिए था, वह भी आपने किया। आप किसी को खाने नहीं दे सकते और सब कुछ छीन लिया। बैंक में तो 6 हजार रुपया भी नहीं मिलता है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि कैशलेस के नाम पर मोदी सरकार बेसलेस हो गई है, टोटल फेसलेस हो गया है। ममता ने कहा कि ये इमरजेंसी नहीं सुपर इमरजेंसी है। संसद को बिना भरोसे लिए हुए फैसला लिया गया।

राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी असफल प्रयोग है। इससे देश को धक्का दिया गया है। पीएम की बातों में वजन होना चाहिए। राहुल ने एक बार फिर भ्रष्टाचार का मामला उठाते हुए कहा कि जैन डायरी केस में हमारे मंत्रियों ने इस्तीफा दिया था, सहारा डायरी मामले में ऐसा क्यों नहीं हुआ? पीएम जांच क्यों नहीं करवाते। डायरी में शीला दीक्षित का भी नाम होने पर राहुल ने कहा कि शीलाजी जांच को तैयार हैं। पीएम तैयार क्यों नहीं हैं? पीएम आरोपों पर क्यों नहीं बोलते?