1 अप्रैल से इनकम टैक्स से जुड़े नियम में ये होंगे बदलाव, जानें

नई दिल्ली ( 24 मार्च ): लोकसभा में बुधवार को बजट 2017-18 के तहत वित्तिय बिल पास हो गया। अब इस बिल के पास होने के बाद 1 अप्रैल से आयकर से जुड़े कई नियम बदल जाएंगे। हम आपको बताते हैं कि नए वित्तिय बिल पास होने के बाद कौन-कौन से नियमों में बदलाव किया गया है।

-जिन लोगों की सालाना आय 2.5 लाख से 5 लाख रुपये के बीच है तो उन्हें 10 प्रतिशत की जगह 5 प्रतिशत टैक्स देना होगा। इससे करदाताओं को 12,500 रुपये तक की बचत होगी। दूसरी तरफ जिन लोगों की आय 50 लाख से 1 करोड़ है, उनपर 10 फीसदी सरचार्ज लगेगा।

-जिन लोगों की सालाना आय 3.5 लाख रुपये तक है उनके टैक्स रिबेट को घटाकर 5,000 से 2,500 रुपये कर दिया गया है। आपको बता दें कि यह छूट 5 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों के लिए थी।

-50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की सालाना आय वाले करदाताओं पर 10 फीसदी सरचार्ज लगेगा। इसके अलावा 1 करोड़ रुपये से अधिक की आय वाले लोगों के सरचार्ज में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्हें पहले की तरह ही 15 प्रतिशत सरचार्ज देना होगा।

-राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम के तहत किए गए निवेश पर 2018-19 असेसमेंट ईयर में छूट नहीं मिलेगी। यह स्कीम यूनियन बजट में वित्त वर्ष 2012-13 के लिए घोषित की गई थी।

-अगर आयकर अधिकारियों को किसी की 50 लाख से अधिक की अघोषित आय का पता चलता है तो वह उसके पिछले 10 सालों तक के टैक्स रिकॉर्ड को खंगाल सकेगी। मौजूदा समय में आयकर अधिकारी सिर्फ 6 साल तक की जांच कर सकते हैं। जो करदाता अपना टैक्स समय पर जमा नहीं करेंगे, उन्हें असेसमेंट ईयर 2018-19 से 10,000 रुपए की पेनाल्टी देनी होगी।


-सरकार ने उन फायदों को घटा दिया है जो फायदा कर्जदाता रेंट पर दी गई प्रॉपर्टी से उठाते थे। मौजूदा नियम के अनुसार कोई कर्जदाता रेंट पर दी गई अपनी प्रॉपर्टी के होम लोन पर लगने वाले पूरे ब्याज को रेंट से हुई आय के साथ एडजस्ट कर सकते हैं, लेकिन अब रेंट से हुई आय का सिर्फ 2 लाख रुपए तक टैक्स में एडजस्ट किया जा सकेगा, बाकी का पैसा अगले 8 असेसमेंट ईयर तक कैरी फॉरवर्ड हो सकेगा।

-नेशनल पेंशन सिस्टम से एक हिस्सा निकालने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार एनपीएस सब्सक्राइबर अपने कॉन्ट्रिब्यूशन का 25 फीसदी तक रिटायरमेंट से पहले निकाल सकता है, जबकि रिटायरमेंट पर 40 फीसदी तक की निकासी टैक्स फ्री होगी।