भारतीय फिल्मों पर पाकिस्तान में लगा बैन तो हो जाएगा बर्बाद

नई दिल्ली (20 अक्टूबर): पाकिस्तान ने भारतीय फिल्मों के बाद डीटीएच सेवाएं और रेडियो कंटेंट पर भी बैन लगा दिया है। हालांकि इससे सबसे ज्यादा नुकसान खुद उसी को होने वाला है। क्योंकि पाकिस्तान में इतना माद्दा नहीं है कि वह बिना भारतीय सिनेमा के बिना अपना गुजारा कर सके।

यह बात हम ऐसे ही नहीं कह रहे बल्कि आप भी इस बारे में जानकर हैरान रह जाएंगे कि किस तरह से पाकिस्तान हमारी फिल्मों से वहां के लोगों का घर चल रहा है।

सुल्तान ने तोड़ा रिकॉर्ड: पाकिस्तान में सलमान खान, आमिर खान और शाहरुख खान की फिल्में बहुत देखी जाती हैं। इस साल ईद के मौके पर रिलीज हुई सलमान की फिल्म 'सुल्तान' ने पाकिस्तान में सबसे ज्यादा बिजनेस करने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 6 जुलाई 2016 को रिलीज हुई इस फिल्म ने 17 जुलाई तक 28 करोड़ रुपये कमा लिए थे।

70 फीसदी बिजनेस कम: पाकिस्तान में बॉलीवुड की फिल्में नहीं दिखाए जाने से पाकिस्तान की फिल्म इंडस्ट्री का बिजनेस 70 फीसदी कम हो जाएगा। क्योंकि पाकिस्तानी फिल्म इं‍डस्ट्री में 70 फीसदी बिजनेस बॉलीवुड और हॉलीवुड से आता है।

हर साल 100 करोड़ का नुकसान: पाकिस्तान में हर साल बॉलीवुड की करीब 50 फिल्में रिलीज होती हैं और औसतन हर फिल्म डेढ़ से दो करोड़ रुपये कमाई करती है। इस तरह हर साल दोनों तरफ 100 करोड़ का नुकसान होगा।

वजूद पर संकट: एक सिनेमा इंडस्ट्री को सर्वाइव करने के लिए हर साल कम से कम 50 से 60 फिल्में प्रोड्यूस करनी होती है। लेकिन पाकिस्तान की फिल्म इंडस्ट्री अपने बूते इतनी फिल्में नहीं प्रोड्यूस कर पा रही है।

हर साल महज 20 फिल्में: 70 के दशक तक पाकिस्तान सबसे ज्यादा फिल्में प्रोड्यूस करने वाले दुनिया के टॉप 10 देशों में शुमार था। हर साल 100 से ज्यादा फिल्में प्रोड्यूस होती थीं और पाकिस्तान में 1300 से 1400 सिनेमाघर हुआ करते थे। जनरल जिया की फिल्म विरोधी नीतियों के चलते तो हालत यह हो गई कि पाकिस्तान में हर साल महज 20 फिल्में प्रोड्यूस हो पाती हैं और इनमें भी अधि‍कतर पश्तो में होती हैं।

हर 100 रुपये में 60-75 रुपये भारत के: बीते तीन सालों के दौर पर नजर डालें तो पाते हैं कि पाकिस्तान में बॉक्स ऑफिस को होने वाली कुल कमाई का 60 से 75 फीसदी भारतीय फिल्मों से मिलने वाले राजस्व का हिस्सा है। यानी पाकिस्तान के सिनेमाघर मालिक को होने वाली हर 100 रुपये की कमाई में 60 से 75 रुपये भारतीय फिल्मों से हुई आमदनी है।