टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों में पसंद की सीट नहीं मिली तो एडमिशन लेने से मना कर सकते हैं स्टूडेंट्स

नई दिल्ली(17 जून): आईआईटी में दाखिले की तैयारी कर रहे छात्रों को नई सुविधा मिल रही है। आईआईटी, एनआईटी और केंद्र के फंड से चलने वाले इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन लेना चाह रहे स्टूडेंट्स मनपसंद सीट या ब्रांच न मिलने पर हर राउंड के बाद अपना नाम वापस ले सकेंगे।

आईआईटी, एनआईटी समेत 92 इंस्टीट्यूट्स में एडमिशन का फैसला ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी के पास होता है। फैसले के मुताबिक, इस साल स्टूडेंट्स को मनपसंद सीट न मिलने की स्थिति में नाम वापस लेने की फैसिलिटी होगी। 12th के मार्क्स के बेस पर सीट अलॉटमेंट की प्रॉसेस 24 जून से शुरू हो सकती है।

JOSAA की वेबसाइट पर जाकर शुक्रवार से एडमिशन के नए रूल-रेग्युलेशन देखे जा सकेंगे। एक प्रोफेसर के मुताबिक अगर स्टूडेंट को वो सीट मिलती है जो उसके प्रेफरेंस में काफी नीचे है। तो ऐसी स्थिति में वह अपने घर के पास के किसी इंजीनियरिंग कॉलेज को चुन सकता है। ये सीट उन्हें बाद के राउंड्स में मिल सकेगी। नाम वापस लेने की स्थिति में स्टूडेंट्स और इंस्टीट्यूट्स दोनों का फायदा होगा।'

अथॉरिटी ने ये भी तय किया है कि मेन इंस्टीट्यूट्स में सीटें भरने के लिए तय समय सीमा में कुछ और राउंड्स भी कराए जाएंगे। पिछले साल 45 स्टेट बोर्ड द्वारा 12th के स्टूडेंट्स के स्कोर बताने में देरी करने के बाद ये प्रॉसेस 1 जुलाई से शुरू हुई थी। इसमें जेईई (मेन) की रैंकिंग का 40% फायदा स्टूडेंट्स को मिलता है।

एक प्रोफेसर के मुताबिक पिछले साल हमने इसे काफी बाद में शुरू किया था। इसलिए 4 राउंड्स को कंडक्ट करने का समय नहीं मिला। इस साल हम प्रॉसेस को 24 जून से शुरू कर रहे हैं। इसमें कई और राउंड्स हो सकेंगे। इस साल हमारा 4 या उससे ज्यादा राउंड्स कंडक्ट करने का प्लान है। इससे लोअर रैंक पर आए स्टूडेंट्स खाली पड़ी सीट्स पर अप्लाई कर सकेंगे।