IIT बॉम्बे के छात्रों ने बनाया सेटेलाइट 'प्रथम', 26 सितंबर को होगा लॉन्च

नई दिल्ली (15 सितंबर): बॉम्बे आईआईटी के छात्रों द्वारा बनाए गए प्रथम सेलेटाइट लांचिंग के लिए तैयार है। पिछले आठ सालों से इस सेटेलाइट के लॉन्च की बात चल रही थी लेकिन किन्हीं कारणों से यह संभव नहीं हो पा रहा था। लेकिन अब यह इंतजार 26 सितंबर को खत्म होने वाला है। 

इस सेटेलाइट का कॉन्सेप्ट 2007 में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के दो छात्रों सप्तर्षी बंद्दोपाध्याय और शशांक तमस्कर ने तैयार किया था। 2009 में ISRO के साथ मेमोंरेंडम ऑफ अन्डरस्टेंडिंग साइन किया गया था। इसे बाद में 2014 तक के लिए बढ़ा दिया गया था।

इस समय टीम में 30 छात्र हैं, जिसमें से 9 कोर टीम के हैं। इस सेटेलाइट का विस्तार 30.5cm X 33.5cm X 46.6 से.मी है और इसका वजन 10 किलोग्राम है।

कोर टीम के सदस्य सुमित जैन कहते हैं, 'जीपीएस लोकेशन बताने के अलावा 'प्रथम' सुनामी की भविष्यवाणी भी करेगा। ISRO ने सिर्फ छात्रों को इसकी टेस्टिंग की सुविधा मुहैया कराई है साथ ही ISRO इसका सारा खर्च भी उठा रहा है।' 

टीम के सबसे छोटे सदस्य हर्षद जालान कहते हैं, 'ISRO के वैज्ञानिक 'जीरो एरर पॉलिसी' पर काम करते हैं, इसलिए हमसे भी सारे काम बिना किसी गड़बड़ी के करने की उम्मीद की जाती थी। कभी-कभी तो ऐसा होता था कि लैब में 30 घंटे लगातार काम करने के बाद हमें बस एक घंटा गलतियां सुधारने के लिए मिलता था।'