'सरकार को राष्ट्रवाद का अर्थ तय नहीं करना चाहिए'

नई दिल्ली (19 फरवरी): इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी (आईआईटी) बॉम्बे के फैकल्टी मेंबर्स के एक वर्ग का मानना है कि सरकार को 'राष्ट्रवाद' के अर्थ का निर्धारण नहीं करना चाहिए। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के आंदोलित छात्रों के साथ समर्थन भी जताया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, आईआईटी-बॉम्बे फैकल्टी के 42 सदस्यों नें सरकार की तरफ से कई शैक्षणिक संस्थानों में 'हस्तक्षेप' की निंदा की है। सरकार की तरफ से असहमति और विविधता को दबाने के कथित प्रयासों के की निंदा करते हुए उन्होंने कठोर शब्दों में एक बयान जारी किया है।

उन्होंने कहा, "सरकार इस बात का निर्धारण नहीं कर सकती कि 'भारतीय' होने का क्या मतलब है। इसके अलावा वह राष्ट्रवाद का भी निर्धारण नहीं कर सकती।" बयान में हाल ही में हुई घटनाओं पर चिंता जताई गई है। इसमें कहा गया है, "इन घटनाओं ने देश के उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता को कमज़ोर किया है। हमारा मानना है कि ये संस्थान आलोचनात्मक सोंच और अभिव्यक्ति के स्थान हैं।"