फायदे में रहे आईडीएस के तहत काले धन का खुलासा करने वाले

नई दिल्ली (29 नवंबर): जून से सितंबर तक आय खुलासा योजना (आईडीएस) के तहत काले धन का खुलासा करने वाले लोग फायदे में रहे। उस समय सरकार ने 45 फीसदी टैक्स देकर कालेधन को व्हाइट करने को कहा था। यहीं नहीं तब तीन किस्तों में यह रकम सरकार को देनी थी।

घरेलू कालाधन धारकों के लिए जून से सितंबर तक आईडीएस योजना चलाई गई थी। इसके तहत बेहिसाबी धन की घोषणा करने वाले 45 प्रतिशत कर और जुर्माना चुकाकर पाक साफ होकर निकल सकते हैं। इसके तहत पहली 25 प्रतिशत कर की किस्त 30 नवंबर तक चुकानी है। इसके बाद दूसरी किस्त 31 मार्च, 2017 तक अदा की जानी है। शेष राशि की अदायगी 30 सितंबर, 2017 तक होनी है।

वहीं आज सरकार ने कालेधन का खुलासा करने वालों को साफ-साफ तौर पर 50 फीसदी टैक्स देना होगा। यहीं नहीं इसके बाद बची हुई 50 फीसदी रकम में से सरकार 25 फीसदी अपने पास रखेगी, जिसको वह 4 साल के बाद बिना ब्याज के आपको लौटाएगी। सरकार ने कहा है कि वह जिस 25 फीसदी धनराशि को अपने पास रखेगी, उसे वह जन कल्याण योजनाओं में लगाएगी।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भारी हंगामे के बीच लोकसभा में आयकर संशोधन बिल पेश किया। ये कानून 8 नवंबर की रात को हुए नोटबंदी के ऐलान के बाद हुए लेन-देन पर लागू होगा। जानकारों की मानें तो इस संशोधन को कालेधन रखने वालों को एक और मौका देने के रूप में देखा जा रहा है। इस बिल को मनी बिल की तरह पेश किया गया, जिससे राज्यसभा में बिल के पास होने में समस्या नहीं होगी। बिल में एक अहम बिंदु है जिसके मुताबिक अघोषित आय जमा कराने वाले लोगों का नाम उजागर नहीं किया जाएगा।