चुनाव में गड़बड़ियों की शिकायत करने वालों की पहचान नहीं होगी उजागर: मुख्य चुनाव आयुक्त

नई दिल्ली ( 3 जून ): चुनाव आयोग ने कहा है कि चुनाव में गड़बड़ियों की शिकायत करने वालों की पहचान उजागर नहीं होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने शनिवार को कहा है कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी गड़बड़ियों और गलत तौर तरीकों को आयोग के मोबाइल एप के जरिए उजागर करने वालों की पहचान को सुरक्षित रखा जाएगा।हाल ही में आयोग द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किए गए मोबाइल एप के जरिए कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान गड़बड़ियों की 780 शिकायतें मिली थीं। रावत ने बताया कि वीडियो फॉर्मेट में इन शिकायतों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि आयोग को वीडियो के जरिए ये शिकायतें भेजने वालों की पहचान उजागर न हो, इसके लिए हम हर संभव कदम उठाएंगे।शनिवार को एक कार्यक्रम में रावत ने कहा कि यह मोबाइल एप चुनाव में गड़बड़ियों की आयोग से सबूत सहित शिकायत करने के लिए आम आदमी को अधिकार संपन्न बनाता है। आयोग एप के जरिए मिली शिकायत की लोकेशन सुनिश्चित करने के बाद इन शिकायतों पर उपयुक्त कार्रवाई करेगा।उन्होंने कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में यह सुविधा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई थी जिसे अब सभी चुनाव में अनिवार्य रूप से चलती रहेगी।एक बार फिर राजनीतिक दलों की ओर से ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाए जाने के सवाल पर रावत ने इन्हें खारिज करते हुए कहा निश्चित रूप से इस व्यवस्था में शक करने की बिल्कुल गुंजाइश नहीं है।उन्होंने कहा कि ईवीएम पर लगाए गए इस तरह के आरोप राजनीतिक दलों द्वारा अपनी हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ने का बहाना बन गया है। फिर से बैलेट पेपर से चुनाव कराने के सवाल पर रावत ने कहा वीवीपेट युक्त ईवीएम से ही चुनाव होंगे, बैलेट पेपर की ओर फिर वापस लौटने का सवाल ही नहीं उठता है।