'देश में अब तक जितना निवेश हुआ, उसकी तुलना में पिछले 3 साल में उससे ज्यादा निवेश'

नई दिल्ली (4 अक्टूबर): आर्थिक विकास और जीपीडी को लेकर हो रही तमाम आलोचनाओं को पीएम मोदी ने सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी सेक्रटरीज के एक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि देश के आर्थिक क्षेत्र को खोलने के बाद से लेकर अब तक जितना विदेशी निवेश भारत में हुआ है, उसकी तुलना अगर पिछले तीन वर्षों में हुए निवेश से करें, तो आपको पता चलेगा कि हमारी सरकार जो रिफॉर्म कर रही है, उसका नतीजा क्या मिल रहा है। साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं अपने वर्तमान की चिंता के लिए देश की भविष्य को दांव पर नहीं लगा सकता। उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि रेवड़ी बांटने के बजाय, लोगों और देश को इमपावर करने के काम में, कई बार मुझे आलोचना का भी सामना करना पड़ेगा, लेकिन मैं अपने वर्तमान की चिंता में, देश के भविष्य को दांव पर नहीं लगा सकता।

साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि मेहनत से कमाए गए आपके एक-एक पैसे की कीमत ये सरकार समझती है। इसलिए सरकार की नीतियों और योजनाओं में इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि वो गरीबों और मध्यम वर्ग की जिंदगी तो आसान बनाएं हीं, उनके पैसों की भी बचत कराएं। जरूरत पड़ी तो GST में बदलाव करेंगे और जीएसटी काउंसिल इसपर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि GST से व्यापारियों को होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार कदम उठाएगी। व्यापारियों को डरने की जरूरत नहीं है। पिछले रिकॉर्ड नहीं खंगाले जाएंगे। हम हालात बदलने के लिए कदम उठा रहे हैं। 

पीएम मोदी ने कहा कि बदलती हुई देश की इस अर्थव्यवस्था में अब ईमानदारी को प्रीमियम मिलेगा, ईमानदारों के हितों की सुरक्षा की जाएगी। मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार द्वारा लिए गए कदम देश को आने वाले वर्षों में विकास की एक नई लीक में रखने वाले हैं। हमने सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं और ये प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। देश की आर्थिक स्थिरता को भी बनाए रखा जाएगा। निवेश बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए हम हर आवश्यक कदम उठाते रहेंगे।

साथ ही पीएम मोदी ने विकास दर और जीडीपी को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करने वालों पर प्रधानमंत्री मोदी ने पटलवार किया।  नाम लिए बिना अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की निराशा फैलाने की आदत होती है। निराशा फैलाने वालों की पहचान करना बेहद जरूरी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाइयों और बहनों, मैं ना कोई अर्थशास्त्री हूं और ना ही कभी मैंने ऐसा दावा किया है, लेकिन आज जब अर्थव्यवस्था पर इतनी चर्चा हो रही है, तो मैं आपको फ्लैसबैक में भी लेकर जाना जाता हूं। पिछली सरकार के 6 साल में 8 बार ऐसे मौके आए जब विकास दर 5.7 प्रतिशत या उससे नीचे गिरी। देश की अर्थव्यवस्था ने ऐसे क्वार्टर्स भी देखे हैं, जब विकास दर 0.2 प्रतिशत, 1.5 प्रतिशत तक गिरी। उन्होंने कहा कि यह सरकार के अथक परिश्रम का परिणाम है कि आज देश की अर्थव्यवस्था कम कैश के साथ चल रही है। नोटबंदी के बाद कैश टू जीडीपी रेसियो अब 9 प्रतिशत पर आ गया है। आठ नवंबर 2016 से पहले ये 12 प्रतिशत से ज्यादा हुआ करता था।