हेग ICJ में पुलवामा का असर- भारतीय प्रतिनिधि के करारे जवाब से तिलमिलाया पाक


न्यूज24 ब्यूरो, हेग (18 फरवरी): अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में कुलभूषण जाधव मामले में भारतीय प्रतिनिधिमण्डल ने पाकिस्तानियों को ऐसा जवाब दिया जिसकी गूंज दुनिया भर में गयी। कोर्ट की कार्रवाई शुरु होने से पहले भारत और पाकिस्तानी प्रतिनिधि एक दूसरे के आमने-सामने हो गये। पाकिस्तान के एटॉर्नी  अनवर मंसूर खान ने भारतीय राजनयिक दीपक मित्तल को देखकर उनकी तरफ हाथ बढ़ाया, लेकिन दीपक मित्तल ने बड़ी तल्ख किंतु शालीनता से हाथ मिलाने से इंकार कर दिया और दूर से ही हाथ जोड़ लिए।  भारतीय प्रतिनिधि इतने सख्त रवैये से पाकिस्तानी अटॉर्नी तिलमिला कर रहे गये लेकिन वो कर कुछ नहीं पाये और उन्होंने फिर अपना हाथ वापस पॉकेट में रख लिया। कथित जासूसी के आरोप में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले की  हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) में 18 फरवरी (आज) से शुरू हुई सुनवाई 21 फरवरी तक जारी रहेगी। इस सुनवाई में भारत का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे हैं, जबकि ख्वार कुरैशी पाकिस्तान का पक्ष रखने पहुंचे हैं।

भारत की तरफ से जिरह की शुरुआत करते हुए हरीश साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान ने इस मामले में कुलभूषण जाधव द्वारा 13 बार गुजारिश के बावजूद काउंसलर एक्सेस नहीं दिया, जो कि वियना संधि का उल्लंघन है। इसके साथ ही साल्वे ने जाधव को निर्दोष बताया जिसे फंसाने के लिए पाकिस्तान प्रोपेगेंडा चला रहा है। हरीश साल्वे ने वियना संधि की व्याख्या करते हुए तमाम धाराओं का जिक्र करते हुए कहा कि बिना काउंसलर एक्सेस जाधव की गिरफ्तारी को गैर कानूनी घोषित किया जाना चाहिए।

हरीश साल्वे से पहले भारत की तरफ से पेश हुए दीपक मित्तल ने कहा कि आईसीजे के फैसले से सवा सौ करोड़ भारतीयों में उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने एक निर्दोष भारतीय नागरिक के अधिकारों हनन करके आईसीजे के ऑर्डल का ठीक से पालन नहीं किया। कुलभूषण जाधव को काउंसल एक्सेस न देने के पीछे पाकिस्तान का तर्क है कि दोनों देशों के बीच हुए द्वीपक्षीय समझौते के तहत जासूसी के मामले में काउंसलर एक्सेस का प्रवधान नहीं है। लेकिन हरीश साल्वे ने कहा कि वियना संधि को ड्राफ्ट करने वालों की कभी यह मंशा नहीं कि जासूसी के केस में अनुच्छेद 36 लागू नहीं होगा। उन्होंने कहा कि दो देशों के बीच हुआ द्वीपक्षीय समझौता वियना संधि के अनुच्छेद 36 को संशोधित नहीं कर सकता।

 भारतीय नौसेना के अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी के आरोपों में अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी। जिसके खिलाफ भारत ने मई 2017 में आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था। पाकिस्तान लगातार जाधव को काउंसलर एक्सेस देने से इनकार करता रहा है। जो अंतरराष्ट्रीय राजनयिक रिश्तों से संबंधित 1963 की वियना संधि का उल्लंघन है।