ICC World cup 2019: पांच तेज गेंदबाज, जो किसी भी बल्लेबाज को बैकफुट पर ला सकते हैं

न्यूज 24, ज्ञानेंद्र शर्मा, नई दिल्ली (16 मई): 30 मई से इंग्लैंड में वर्ल्ड कप का आगाजा होने जा रहा है। अनुमान लगाया जा रहा कि इंग्लैंड की गर्म कंडीशन में खूब रन बनेंगे। बल्लेबाज गेंदबाजों पर  हावी रहने वाले हैं। आईसीसी के नए नियम के अनुसार अब एक इनिंग में दो नई गेंदों का इस्तेमाल होता है। जिसके कारण बल्लेबाजों को रन बनाने में आसानी होती है। 50 ओवरों में गेंद पुरानी नहीं होती जिसके कारण बॉलरों को रिवर्स स्विंग नहीं मिलता है। एक समय था जब गेंद पुरानी होने के बाद रिवर्स स्विंग होती थी और गेंदबाज इसका फायदा उठाते थे। आज के वनडे मैचों में 300 से ज्यादा रन बनना आम बात है। जो 90वें और 2000 के समय मे मुश्किल लक्ष्य होता था।

इस बार का वर्ल्ड कप इंग्लैंड और वेल्स में होने वाला है। जहां की पिच इस मौसम सुखी होती हैं। इस कंडीशन में तेज गेंदबाजों को मशक्कत करनी पड़ सकती है क्योंकि गेंद उतनी स्विंग नहीं होगी जिसके चलते बल्लेबाज आसानी से रन बना पाएंगे। कप्तान अपने गेंदबाज से कुछ अलग की चाह रखेंगे। वो चाहेंगे कि इस कंडीशन  में भी हमारा गेंदबाज कुछ अलग कर के दिखाएं।हम आपको वर्ल्ड कप के पांच ऐसे तेज गेंदबाजों के बारे में बताते हैं जो इस वर्ल्ड कप में इंपैक्ट डाल सकते हैं।

जसप्रीत बुमराह (भारत)

मौजूदा समय में अगर तेज गेंदबाज की बात करें तो बुमराह सबसे उपर आते हैं। बुमराह इस वर्ल्ड कप में भारत के मुख्य हथियार हैं। वनडे में नबंर 1 रैंक के साथ वो पूरे क्रिकेट जगत में सनसनी बने हुए हैं। जसप्रीत बुमराह को डेथ ओवर स्पेशलिस्ट माना जाता है। उनका अन-ऑर्थोडॉक्स एक्शन और सटीक यॉर्कर का जवाब बल्लेबाजों के पास नहीं है। वो कम रन-अप के साथ गेंद में गजब की तेजी लाते हैं। गेंद को बल्लेबाज के सामने से बाउंस कराने की क्षमता उन्हें एक अलग गेंदबाज बनाती है।

फिलहाल बुमराह अपने टॉप फॉर्म में हैं। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने 16 मैचों मे 19 विकेट चटकाएं हैं। वो विजेता टीम मुंबई इंडियंस के प्रमुख गेंदबाज रहे।

 कगिसो रबाडा( साउथ अफ्रीका)

23 साल के अफ्रीकी तेज गेंदबाज रबाडा जब से अंतरराष्ट्री क्रिकेट में आए हैं चर्चा का विषय बने रहे  हैं। 2015 में पादर्पण से ही अपनी तेजी से बल्लेबाजों को परेशानी में डालते आ रहे हैं। रबाडा काफी तेज गेंद फेंकते हैं साथ ही उनकी गेंद में स्विंग भी है ऐसे में अपने कप्तान फैब डुप्लेसिस को किसी भी समय विकेट निकाल कर दें सकते हैं। आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने मात्र 12 मैचों में 25 विकेट लिए। प्लेऑफ से पहले वो बैक इंजरी के चलते स्वदेश लौट गए।

फिलहाल वो बिलकुल फिट हैं और वर्ल्ड कप में खेलने के लिए तैयार हैं। वो डेल स्टेन, क्रिस मोरिस के साथ अफ्रीका की तेज गेंदबाजी का कमान संभालेंगे।

मिशेल स्ट्राक (ऑस्ट्रेलिया)

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जो विश्व कप से पहले पूरी तरह से फिट है। वर्ल्ड कप से पहले क्रिकेट को चाहने वाले फैंस उनकों काफी फॉलो करती है। 2015 के वर्ल्ड कप में स्ट्राक ने ऑस्ट्रेलिया को जिताने में काफी अहम भूमिका निभाई थी। ऑस्ट्रेलियन पेस अटैक के लिड़ करने वाले मिशेल स्ट्राक ने 2015 के वर्ल्ड कप में 22 विकेट लिए थे। उन्हें प्लेयर ऑफ-द-टूर्नामेंट चुना गया था।

हालांकि उसके बाद से वो अपनी फिटनेस को लेकर जूझते रहे हैं। पहले जहां उनकी गेंदों की गति 150 तक होती थी वो अब कम हो गई है। इन सब के बावजूद भी वो इस वर्ल्ड कप में प्रमुख गेंदबाजों में शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान फिंच किसी भी कंडीशन में स्ट्राक को गेंद सौप कर विकेट की चाह रख सकते हैं।

ट्रेंट बोल्ट(न्यूजीलैंड)

न्यूजीलैंड का बाएं हाथ का तेज गेंदबाज ट्रेट बोल्ट काफी समय से कीवी टीम के मेन गेंदबाज रहे हैं। 2015 के वर्ल्ड कप में उन्होंने 22 विकेट लिए थे और टीम को फाइनल में ले जाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। बोल्ट को उनकी रफ्तार और सही लाइन लेंथ और गेंदबाजों से अलग बनाती है। वो गेंद को दोनों ओर स्विंग करने में माहिर हैं।

61 टेस्ट मैच खेल चुके बोल्ट फिलहाल फॉर्म में नहीं हैं। आईपीएल में दिल्ली की ओर से खेलते हुए उन्होंने पांच मैचों में मात्र 5 विकेट लिए। कीवी कप्तान चाहेंगे की ट्रेंट बोल्ट जल्द ही फॉर्म में लौटे और अपनी गेंदबाजी से विरोधियों को परेशान करें।

हसन अली (पाकिस्तान)

24 साल का पाकिस्तानी गेंदबाज हसन अली को काफी टैलेंटेट गेंदबाज बताया जाता है। उन्होंने 2017 के चैंपियंस ट्रॉफी में दिखाया भी कि क्यूं उन्हें हाई रेट किया जाता है। इंग्लैंड में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी में वो मैन ऑफ-द-सीरीज चुना गया था। अली ने पाकिस्तान के लिए 13 विकेट लिए थे और पाक की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।

हसन अली के पास काफी ऐसे गेंद हैं जो किसी भी बल्लेबाज को मुश्किल में डाल सकता है। उनके पास वैराइटी के साथ  150 कीमी की रफ्तार से गेंदबाजी करने का माद्दा भी है। जब भा पाकिस्तान को मैच में विकेट की दरकार होती है कप्तान सरफराज हसन अली की तरफ ही देखते हैं। 44 वनडे मैचों में 77 विकेट ले चुके अली इस वर्ल्ड कप मे पाकिस्तान के लिए तुरुक का इक्का साबित हो सकते हैं।