World Cup: टीम इंडिया की हार और जीत के बीच का अंतर होंगे ये तीन खिलाडी

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (26 मई): आईसीसी क्रिकेट विश्व कप की शुरुआत 30 मई से हो रही है। हालांकि टीम इंडिया के लिए क्रिकेट के इस महाकुंभ की शुरुआत अच्छी नहीं हुई है। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ शनिवार को खेले गए अभ्यास मैच में भारत को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। इस मैच में टीम इंडिया की कई कमियां उजागर हो गईं। एक बार फिर भारत के टॉप तीन नहीं चले और भारत को हार का सामना करना पड़ा। इस विश्व कप में भारत के टॉप तीन यानि रोहित, धवन और विराट के कंधों पर टीम की जिम्मेदारी होगी। 

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में खेले गए पिछले वर्ल्ड कप के बाद भारत ने जो 86 वनडे मैच खेले उनमें उसकी बल्लेबाजी शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों मुख्य रूप से रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली के इर्द-गिर्द घूमती रही है। पिछले चार सालों में भारतीय शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने मध्यक्रम की तुलना में 6030 रन अधिक बनाए हैं। इस बीच शीर्ष क्रम के 45 शतकों की तुलना में मध्यक्रम के बल्लेबाज केवल छह शतक लगा पाए। यही नहीं चोटी के तीन बल्लेबाजों ने मध्यक्रम के 35 अर्धशतकों से लगभग दुगुना 67 अर्धशतक जमाए। इससे पता लगता है कि 30 मई से शुरू होने वाले वर्ल्ड कप में शीर्ष क्रम की सफलता भारत के लिए कितने मायने रखती है। 

शीर्ष क्रम में भी केवल कोहली, रोहित और धवन ही 1000 से अधिक रन बना पाए। कप्तान कोहली इन चार वर्षों में 65 मैचों में शीर्ष क्रम में उतरे जिनमें उन्होंने 83.76 की औसत 98.54 के स्ट्राइक रेट से 4272 रन बनाए जिसमें 19 शतक और 16 अर्धशतक शामिल हैं। पिछले चार वर्षों में वह दुनिया में शीर्ष क्रम के अकेले बल्लेबाज रहे जिन्होंने 4000 से अधिक रन बनाए। रोहित का नंबर उनके बाद आता है जिन्होंने 71 मैचों में 61.12 की औसत से 3790 रन बनाए। उन्होंने इस बीच 15 शतक और 16 अर्धशतक जमाए। रोहित के सलामी जोड़ीदार धवन ने 67 मैचों में 45.20 की औसत से 2848 रन बनाए जिसमें आठ शतक और 15 अर्धशतक शामिल हैं। 

एक इंटरव्यू में रोहित यह कह भी चुके हैं कि, “मुझे लगता है कि हमारे पास वो चीज है जिसकी जरूरत पड़ेगी। अगर मैं इस तरह से कहूं तो- टीम का भार टॉप 3 यानि कि मेरे, शिखर और विराट के बीच है। हमारी कोशिश होगी कि जितना हो सके लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहें। ऐसा नहीं होना चाहिए कि कल मैंने रन बनाया तो आज तू बना। जिम्मेदारी हमारे ऊपर है।”

रोहित के सलामी जोड़ीदार धवन ने 67 मैचों में 45.20 की औसत से 2848 रन बनाए जिसमें आठ शतक और 15 अर्द्धशतक शामिल हैं। पिछले चार वर्षों में भारतीय शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने मध्यक्रम की तुलना में 6030 रन अधिक बनाए हैं। बहरहाल, 30 मई 2019 12वां क्रिकेट विश्वकप खेला जायेगा। भारतीय टीम यहां तीसरी बार विजेता बनने के इरादे से उतरेगी, लेकिन टीम का मध्यक्रम जैसा खेल रहा है उसे दिखकर विजेता बनने की उम्मीदों को गहरा झटका लग सकता है। इसीलिए अगर भारतीय टीम को विश्वकप जीतना है तो रोहित, धवन और कोहली की तिकड़ी को टीम इंडिया का भार अपने कंधों पर उठाना होगा।