PAK से रिहा मछुआरे भारत के लिए खतरा!

नई दिल्ली (10 अप्रैल): इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) ने पाकिस्तान की जेल से रिहा होने वाले भारतीय मछुआरों के बारे में एक अहम खुलासा किया है। आईबी ने कहा कि इनका इस्तेमाल आतंकी हमले और जासूसी के लिए किया जा सकता है। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया एजेंसी आईबी ने खुलासे के साथ ही सभी राज्यों की पुलिस को ऐसे लोगों की मॉनिटरिंग के लिए कहा है। आईबी का कहना है, "पाक जेल से रिहा होने वाले मछुआरे भारत की सिक्युरिटी के लिए खतरा हो सकते हैं। काफी समय तक वहां की जेलों में बंद रहने के कारण उनके रैडिकलाइज होने का डर है। ऐसे में इनका इस्तेमाल वहां के टेरर ग्रुप्स और खुफिया एजेंसियां भारत के खिलाफ कर सकती हैं।" 

आईबी ने हाल ही में अपने एक रिव्यू में सभी राज्यों के डीजीपी को ऐसे लोगों की एक्टिविटी पर लगातार नजर रखने को कहा है। बता दें, ये अहम मुद्दे बीते साल दिसंबर में सिक्युरिटी कॉन्फ्रेंस में भी उठा था। इस कॉन्फ्रेंस में नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। 

गौरतलब है, बीते महीने पाकिस्तान ने 86 भारतीय मछुआरों को जेल से रिहा किया है। ये सभी कराची की मलीर जेल से छोड़े गए थे। इनमें ज्यादातर लोग गुजरात से ताल्लुक रखते थे। कुछ महाराष्ट्र और वेस्ट बंगाल से भी थे। बताया जा रहा है, इस समय पाकिस्तानी जेलों में करीब 600 भारतीय मछुआरे जेल की सजा काट रहे हैं। इन्हें इंटरनेशनल मैरीटाइम बाउंड्री लाइन में घुस आने पर पाकिस्तान मरीन सिक्युरिटी एजेंसी ने अरेस्ट किया था। इसके अलावा गुजराती मछुआरों की 900 बोट भी पाकिस्तानी अथॉरिटी के कब्जे में है। हर एक बोट की कीमत 40 से 45 लाख रुपए है।