इतिहास के सबसे बड़े युद्धाभ्यास में शामिल होगी IAF, पाक-चीन की एंट्री बैन

नई दिल्ली (24 मार्च): भारतीय वायुसेना इजराइल में होने वाले अपनी तरह के पहले विशेष संयुक्त युद्ध अभ्यास में शामिल होने जा रही है। इस संयुक्त युद्ध अभ्यास में अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी की सेनाएं भी शामिल होंगी। इस संयुक्त एरियल ड्रिल को इतिहास के सबसे बड़े और जटिल संयुक्त युद्ध अभ्यास में से एक माना जा रहा है। इस संयुक्त युद्धाभ्यास को ब्लू फ्लैग नाम दिया गया है। बताया जाता है कि इस युद्धाभ्यास में पाकिस्तान और चीन भी शामिल होना चाहते थे लेकिन उन्हें इजाजत नहीं दी गयी।


 इसकी एक वज़ह यह भी है कि इजरायल में किसी भी पाकिस्तान नागरिक के घुसने पर प्रतिबंध है। दूसरा यह कि जिस मंशा से यह युद्धाभ्यास किया जा रहा है उससे चीन और पाकिस्तान की मंशा मेल नहीं खाती है। भारत इजराइल में पहली बार ऐसे संयुक्त सैन्य अभ्यास लेगा जिसमें कई देश शामिल होंगे। इजराइल भारत को सैन्य साजोसामान और हथियार आपूर्ति करने वाला प्रमुख देश है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस सैन्य अभ्यास में सात देश हिस्सा लेंगे और करीब 100 युद्धक विमान इसमें हिस्सा लेंगे।


 रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि इजराइल से भारत को मिले मानवरहित होरेन एरियल व्हिकल इसमें शामिल होंगे। इससे पहले भारतीय वायु सेना अमेरिका में रेड फ्लैग एक्सरसाइज में हिस्सा ले चुकी है। भारतीय सेना ने मई 2016 में अलास्का में संयुक्त युद्ध अभ्यास किया था जिसमें भारत के चार सुखोई 30 एमकेआई और चार जगुआर और दो आईएल 78 मिड एयर टैंकर शामिल हुए थे।