वायुसेना प्रमुख अरुप राहा ने कहा, पठानकोट आतंकी हमला था सबसे बड़ा झटका

नई दिल्ली ( 28 दिसंबर ): अपने रिटायरमेंट से कुछ दिन पहले वायुसेनाध्यक्ष अरुप राहा ने अपने कार्यकाल में वायुसेना के सामने आई चुनौतियों का जिक्र किया है। उन्होंने अपनी असफताओं को भी गिनाया। पठानकोट हमले को अपने कार्यकाल का सबसे बड़ा झटका करार दिया है। उन्होंने कहा कि पठानकोट हमला पहला झटका था जिससे हमने सबक सीखे और अब हमारी तैयारी पहले से बेहतर है। एयरफोर्स के विमान AN32 के लापता होने को राहा ने अपने करियर के सबसे बुरी यादों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि यह दूसरा झटका था, तमाम कोशिशों के बावजूद हम उसे नहीं ढूढ़ पाए। उन्होंने कहा कि हम उनके परिवारों की मदद कर रहे हैं।

गौरतलब है कि इस साल जनवरी में पठानकोट में एयर फोर्स स्टेशन पर आतंकी हमले में 7 जवान शहीद हुए थे जबकि एक सिविलियन भी मारा गया था। सुरक्षा बलों ने हमला करने वाले 4 से 5 आतंकियों को मार गिराया था। AN-32 के लापता होने को राहा ने सबसे बुरी यादों में से एक बताया। गौरतलब है कि इस साल 22 जुलाई को इंडियन एयर फोर्स का विमान AN 32 बंगाल की खाड़ी के ऊपर उड़ान भरते वक्त लापता हो गया था। विमान में कुल 29 लोग सवार थे जिनमें 6 क्रू मेंबर भी शामिल थे। काफी खोजबीन के बाद भी विमान का पता नहीं चल पाया न ही मलबा ही ढूढ़ा जा सका।

अगुस्टा वेस्टैंड हेलिकॉप्टर घोटाले में पूर्व वायुसेनाध्यक्ष की भूमिका पर अरुप राहा ने कहा कि कानून अपना काम करेगा। वायुसेनाध्यक्ष ने कहा कि जांच एजेंसियों को सबूत मिले होंगे तभी एसपी त्यागी को गिरफ्तार किया गया होगा। उन्होंने कहा कि जब तक आरोप साबित नहीं हो जाते तब तक हम किसी को दोषी नहीं मान सकते। राहा ने कहा कि पूर्व वायुसेनाध्यक्ष हमारे परिवार का हिस्सा हैं और हमें उनके साथ खड़े होना चाहिए। हालांकि उन्होंने साथ में यह भी कहा कि अगर त्यागी पर आरोप साबित होते हैं तो हमें उनके प्रति कोई सहानुभूति नहीं होगी। गौरतलब है कि 31 दिसंबर को एयर चीफ मार्शल अरुप राहा रिटायर हो रहे हैं।