महाभियोग पर कांग्रेस के भीतर विरोध बढ़ा, पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने कहा- मैं नहीं करता हस्ताक्षर

नई दिल्ली(21 अप्रैल): सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के प्रयास में जुटी कांग्रेस को पार्टी के भीतर ही विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। सलमान खुर्शीद के बाद अब यूपीए सरकार के एक और कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने भी कहा है कि यह कदम उचित नहीं है। 

- उन्होंने यहां तक कहा कि यदि वे सासंद होते और महाभियोग प्रस्ताव का पेपर उनके सामने रखा जाता तो साइन नहीं करते। इससे पहले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रभारी-सचिव हरिकेश बहादुर ने भी पार्टी के इस कदम से असहमति जताई। 

- पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने भी प्रस्ताव पर साइन नहीं किया है, हालांकि पार्टी का कहना है कि उन्हें जानबूझकर इससे अलग रखा गया है। 

- पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने कहा, 'मैं इस विवाद के मेरिट में नहीं पड़ना चाहूंगा, मैं व्यापक सिद्धांत की बात करता हूं और व्यापक सिद्धांत यह है कि महाभियोग अंतिम उपाय है और वह भी चीफ जस्टिस के खिलाफ, जोकि अभूतपूर्व कदम है। इससे बचा जा सकता था।' 

- उन्होंने आगे कहा, 'यदि मैं सांसद होता और मुझे यह पेपर साइन करने के लिए दिया जाता तो मैं महाभियोग प्रस्ताव पर साइन नहीं करता।'