नहीं बचेंगे रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने वाले, आयकर विभाग की है नजर

नई दिल्ली(25 नवंबर): नोटबंदी की घोषणा होते ही लोगों ने घरों में रखे पैसों को बाहर निकाला और बैंकों में जमा किया। सरकार की सख्ती के बाद ज्यादातर लोगों ने रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया और जमा किए गए एक्स्ट्रा पैसे के लिए 30 पर्सेंट टैक्स जमा कर दिया। 

ऐसा करने वाले लोगों को लगा होगा कि ऐसा करने से वे साफ भी साबित हो जाएंगे और टैक्स अधिकारियों की नजर में भी नहीं आएंगे। लेकिन टैक्स अधिकारियों ने ऐसे लोगों के वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू कर दी है, जिन्होंने रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया है।

शुक्रवार को सरकार ने सभी टैक्स अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सिर्फ उन्हीं रिवाइज्ड टैक्स रिटर्न को स्वीकार किया जाए 'जहां टैक्सपेयर्स ने भूलवश कोई चूक हुई है'। यदि जांच में इस बात पर जरा भी शक हो कि करदाता ने अपनी छिपाई हुई रकम को वैध करने की कोशिश की है तो उनके खिलाफ सघनता से जांच की जाए।

इनकम टैक्स ऐक्ट के मुताबिक, कोई भी करदाता तभी रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकता है, जब उसने भूलवश कोई गलत स्टेटमेंट दिया हो। कानून में रिवाइज्ड टैक्स रिटर्न फाइल करने का कोई निश्चित कारण न दिया हो।