बजट 2019-20: इनकम टैक्स में छोटों को राहत मगर बड़ों पर आफत की आशंका

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (30 जून): मोदी सरकार अपने पहले ही बजट में मध्यमवर्गीय आयकर दाताओं को लुभाने का प्रयास करेगी। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि मोदी सरकार के इस बजट में  आयकर दाताओं व्यक्तिगत स्तर पर कर छूट की सीमा मौजूदा ढाई लाख रुपए से बढ़ा सकती है। वहीं  10 करोड़ रुपए से अधिक सालाना आय वालों पर 40 प्रतिशत की ऊंची दर से आयकर लगाया जा सकता है।एक सर्वे के मुताबिक 74 प्रतिशत लोगों ने राय जताई है कि व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा को 2.5 लाख रुपए से आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं 58 प्रतिशत का कहना था कि सरकार 10 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई करने वाले ‘सुपर रिच’ लोगों पर 40 प्रतिशत की ऊंची दर से टैक्स लगाने पर विचार कर सकती है। सर्वे में 13 प्रतिशत की राय थी कि विरासत कर को वापस लिया जा सकता है जबकि 10 प्रतिशत ने कहा कि संपदा कर- एस्टेट शुल्क को पुन: लागू किया जाना चाहिए।घरों की मांग में बढ़ाने के वास्ते 65 प्रतिशत लोगों का मानना था कि बजट में खुद रहने वाले मकान पर आवास ऋण पर ब्याज दिए गए ब्याज पर टैक्स कटौती सीमा को दो लाख रुपए से आगे बढ़ाया जा सकता है। वहीं 51 प्रतिशत ने कहा कि सरकार आवास ऋण की मूल राशि के पुनर्भुगतान पर धारा 80 सी के तहत मौजूदा 1.5 लाख रुपए की कर छूट सीमा में से अलग राशि तय कर सकती है।हालांकि, 53 प्रतिशत लोगों की राय यह भी थी कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पांच जुलाई को पेश होने वाले बजट में प्रत्यक्ष करों में कोई बड़ा बदलाव नहीं करेंगी। वहीं 46 प्रतिशत का कहना था कि सभी कंपनियों के लिए कॉरपोरेट कर की दर को घटाकर 25 प्रतिशत नहीं किया जाना चाहिए। उद्योग मंडल कंपनी कर की दर कम करने की मांग कर रहे हैं।Image Courtesy:Google