नोटबंदी से सरकार को मिला सिर्फ 1.6% काला धन

नई दिल्ली(9 जनवरी): केंद्र सरकार को लगा था कि 500 और 1,000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने के बाद 3 लाख करोड़ रुपये का काला धन सिस्टम से बाहर चला जाएगा, लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट 5 जनवरी तक इस आंकड़े का महज 1.6% की ब्लैक मनी का ही पता लगा पाया।

- डिपार्टमेंट ने नोटबंदी के बाद अपने अभियानों में 4,807 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया गया है जबकि देश भर में जारी छापेमारी में 112 करोड़ रुपये मूल्य की नई करंसी जब्त हुई है।

- विभाग के सूत्रों ने बताया, '5 जनवरी तक कुल 4,807.45 करोड़ रुपये की अघोषित आय का विभाग ने पता लगाया या लोगों ने खुद इसकी जानकारी दी।'

- आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि टैक्स अधिकारियों ने नोटबंदी के बाद इनकम टैक्स ऐक्ट के प्रावधानों के तहत कुल 1,138 तलाशी, सर्वे और पूछताछ अभियान चलाए, वहीं टैक्स चोरी तथा हवाला जैसे कारोबार के आरोपों में विभिन्न लोगों और संस्थाओं को 5,184 नोटिस जारी किए गए।

- उन्होंने कहा कि इसी अवधि में विभाग ने 609.39 करोड़ रुपये कीमत के कैश और जूलरी जब्त किए। इनमें 112.8 करोड़ रुपये के नए नोट शामिल हैं जो ज्यादातर 2,000 रुपये के नोट हैं जबकि जूलरी की कीमत 97.8 करोड़ रुपये आंकी गई है।

- इनकम टैक्स डिपार्टमें ने सीबीआई, ईडी आदि एजेंसियों को 526 केस रेफर किए ताकि वो अपने क्षेत्राधिकार के मुताबिक मनी लॉन्ड्रिंग, आय से अधिक संपत्ति, भ्रष्टाचार आदि के मामलों की भी जांच कर सकें।

- प्रतिष्ठित डिवेलपमेंट इकॉनमिस्ट ज्यां द्रेज ने कहा कि नोटबंदी वंचितों, खासकर दिहाड़ी मजदूरों पर बहुत बुरा असर डालेगी जो अनुमान से ज्यादा खराब और लंबे वक्त तक रह सकता है। नोटबंदी को काले धन पर सर्जिकल स्ट्राइक मानने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अगर सच में गलत तरीके से जमा की गई संपत्ति की समस्या का समाधान चाहती है तो राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता लाकर यह प्रक्रिया शुरू करना उपयोगी हो सकता है।