'रियो में मैं मर जाती, पानी भी नहीं दिया भारतीय अधिकारियों ने'

नई दिल्ली (22 अगस्त): "मैं वहां मर गई होती" ये कहना है रियो ओलंपिक में भाग लेने वाली निराश भारतीय मैराथन रनर ओपी जैशा का। जिन्होंने भारतीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें ओलंपिक में पानी और एनर्जी ड्रिंक्स तक नहीं उपलब्ध कराए गए, जबकि भारत के लिए अलग से स्टेशन्स दिए गए थे।

रियो ओलंपिक महिला मैराथन ईवेंट में 89वें स्थान पर रहने वाली जैशा ने कहा, "वहां बहुत गर्मी थी। प्रतियोगिता सुबह 9 बजे थी। मैं तेज गर्मी में दौड़ी। वहां हमारे लिए पानी भी नहीं था। ना ही रिकवरी ड्रिंक्स ना ही खाना। केवल 8 किलोमीटर पर एक बार ही रियो ओलंपिक आयोजकों की तरफ से हमें पानी मिलता था। जिससे हमारी पूरी तरह से हेल्प नहीं होती थी। हर देश ने हर 2 किलोमीटर पर अपने स्टॉल्स बनाए थे। लेकिन हमारे देश का स्टॉल खाली था।"  

जैशा फिनिश लाइन पर मैराथन कम्प्लीट होने पर बेहोश होकर गिर गई थीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया था। जहां उनके कोच निकोलाइ स्नेसारेव ने एक डॉक्टर के साथ तकरार भी की। जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने आधे दिन के लिए उन्हें हिरासत में लिया था।