ये हैं बीजेपी के 'प्रशांत किशोर', असम में दिया जीत का फॉर्मूला

नई दिल्ली(20 मई): असम में बीजेपी ने एतिहासिक जीत दर्ज करते हुए पहली बार राज्य में सरकार बनाई है। बीजेपी के इस जीत का श्रेय खेल मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, हेमंत बिस्‍व सर्मा और राम माधव जैसे नेताओं को दिया जा रहा है। लेकिन इस जीत के पीछे एक नौजवान ने पर्दे के पीछे से काम किया और असम में कमल खिलाने में अहम भूमिका निभाई। जी हां हम बात कर रहें 30 साल के आईआईटी पासआउट रजत सेठी की। 

सेठी ने आईआईटी खड़गपुर से बीटेक किया और इसके बाद अमेरिका में एमआर्इटी व हार्वर्ड केनेडी स्‍कूल से पढ़ाई की। रजत सेठी जुलाई 2015 में अमेरिका से लौटे थे। दो महीने बाद उनकी मुलाकात भाजपा महासचिव राम माधव से हुई। राम माधव ने उनसे पूछा, ”असम भाजपा के लिए मुश्किल राज्‍य है। वहां जीतने की कोई गांरटी नहीं है। तूम अब भी वहां जाना चाहोगे?” सेठी भाजपा के साथ काम करने के लिए गुवाहाटी चले गए। उन्‍होंने बताया, ”हम जीते क्‍योंकि हमारा गठबंधन मजबूत था जिसमें कई समुदाय शामिल थे। सर्वानंद सोनोवाल की साफ छवि और हेमंत बिस्‍व सर्मा के उत्‍साह से हमें मदद मिली।” उनके साथ काम करने वाली शुभ्रस्‍था की संस्‍था सिटीजंस फॉर अकाउंटेबल गर्वनेंस ने 2014 में मोदी के लिए लोकसभा चुनावों में भी काम किया था। 

रजत ने असम में भाजपा के प्रचार की कमान संभाली। उनका कहना है कि वे भाड़े पर काम करने के बजाय विचारधारा से प्रभावित राजनीतिक उद्यमी हैं। सेठी ने कहा, ”मैं बाजार की ताकतों से नहीं बल्कि विचारधारा के अनुसार चलता हूं।”  सेठी कानपुर के रहने वाले हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई आरएसएस द्वारा चलाए जाने वाले शिशु मंदिर में हुई। इसके बाद आईआईटी खड़गपुर से बी टेक किया। उन्‍होंने बताया कि वहां के अंग्रेजी बोलने और रॉक म्‍यूजिक सुनने वाले लोगों में उनका मन नहीं लगा। इसलिए उन्‍होंने कैंपस में हिंदी सेल शुरू की। अमेरिका से पढ़ाई के बाद उन्‍होंने एक आईटी कंपनी भी शुरू की जिसे बाद में बेच दिया।

असम भाजपा के इंचार्ज राम माधव ने सेठी को 32 जिलों और 25000 बूथ पर लोगों को एकजुट करने का काम सौंपा। इसके लिए गुवाहाटी में फ्लैट किराए पर लिया गया। यहीं पर भाजपा का वार रूम बना। सेठी ने बताया, ”हमने सब कुछ सूक्ष्‍म स्‍तर पर किया। सोचिए भाजपा के पास केवल पांच विधायक थे लेकिन अमित शाह और माधव कहते रहते थे कि हम अगली सरकार बना सकते हैं।” सेठी  ने असम के राजनीतिक माहौल को समझने के लिए कंप्‍यूटर और मोबाइल सॉफ्टवेयर की मदद ली। इसके बाद 400 युवाओं को तैयार किया। 

सेठी ने बताया, ” कांग्रेस ने गोधरा ट्रेन और पीडि़त कुतुबुद्दीन अंसारी की फोटो लगाकर गलती की। उसने यह दिखाना चाहा कि यह मोदी का गुजरात मॉडल है। यह पैंतरा काम नहीं आया। लोग गुजरात दंगों से नहीं जुड़े।” उन्‍होंने कहा कि एनालिसिस में सामने आया कि भाजपा और एजीपी के बीच कैमिस्‍ट्री नहीं है लेकिन अमित शाह ने गठबंधन किया। भाजपा ने कई और तरकीबें भी आजमाई। उन्‍होंने भूपेन हजारिका की कविताओं से लोगों को जोड़ा। तरुण गोगोई पर सीधे हमला नहीं बोला और हेमंत को सोनोवाल से ज्‍यादा रैलियां करने दीं। सेठी ने कहा, ”हम संभलकर कदम उठाए। सभी नए विचारों को सबसे पहले सोशल मीडिया पर लागू किया। माधव टास्‍क मास्‍टर हैं जबकि शाह मैन ऑफ डिटेल्‍स।”