धोनी ने अपनी तुलना शराब से की, जानिए क्यों

नई दिल्ली(2 जुलाई): टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की बल्लेबाजी में बीते कुछ समय से निरंतरता का अभाव रहा है लेकिन वह खुद को शराब की तरह मानते हैं जिसका स्वाद वक्त के साथ-साथ बेहतर होता जाता है। वेस्ट इंडीज के खिलाफ 79 गेंदों पर खेली गई उनकी 78 रनों की पारी की बदौलत भारत एक विजयी स्कोर बना सका। इस मुश्किल विकेट पर धोनी संयम भरी पारी खेलकर खुश हैं। टीम की तीन बल्लेबाजों के पविलियन लौटने के बाद धोनी ने टिककर बल्लेबाजी की।


- धोनी से जब पूछा गया कि आखिर कैसे वह वक्त के साथ-साथ बेहतर होते जा रहे हैं: 'यह शराब की तरह है'। मुश्किल विकेट पर ऐसी पारी खेलना वाकई संतोषजनक रहा।


- धोनी ने कहा, 'पिछले करीब एक-डेढ़ साल से हमारा टॉप ऑर्डर ही ज्यादातर रन बना रहा है तो ऐसे में मौका मिलना और रन बनाना अच्छा लगता है।' वनडे के बेस्ट फिनिशर कहे जाने वाले धोनी ने कहा कि इस विकेट पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था और यही इस पारी को खास बनाता है।


- धोनी ने कहा, 'इस विकेट पर असमान उछाल और गति थी। उस समय साझेदारी बनाना महत्पूर्ण था। मेरे दिमाग में 250 का लक्ष्य था, केदार और मेरी साझेदारी के दम पर हम वहां तक पहुंच गए। बोलर्स ने अच्छा प्रदर्शन किया।'


- विकेट के पीछे से कई बार धोनी अश्विन और कुलदीप को निर्देश देते सुने गए। इस बारे में उनका कहना है, 'स्पिनर्स को गाइड करते रहना जरूरी है। कुलदीप ने आईपीएल में काफी गेंदबाजी कर चुके हैं पर जब बात इंटरनैशनल क्रिकेट की आती है तो आपको यह मालूम होना चाहिए कि आखिर वैरायटी का इस्तेमाल कहां करना चाहिए। जब वह 5-10 मैच खेल लेंगे तो उन्हें खुद इस बात का अहसास होगा। अच्छी बात यह है कि पिछले मैच के मुकाबले उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की।'