हाइपरलूप का एक और टेस्‍ट सफल, मिनटों में तय होगा घंटों का सफर

वाशिंगटन (3 अगस्त): अब वह दिन ज्याद दूर नहीं जब आप घंटों की दूर चंद मिनटों में तय कर लेंगे। दरअसल हाइपरलूप का दूसरा टेस्‍ट सफल रहा है। अमेरिकी कंपनी टेस्ला और स्पेस एक्स ने मिलकर हाइपरलूप तकनीक का जो दूसरा परीक्षण किया है, वह सफल रहा है। 

गौरतलब है कि हाइपरलूप तकनीक से लंबी दूरी मिनटों में तय की जा सकती है, फिलहाल यह कॉन्सेप्ट के तौर पर है। 2012 में टेस्ला के फाउंडर एलोन मस्क ने इसका कॉन्सेप्ट रखा था। इसे अमेरिकी कंपनी टेस्ला और स्पेस एक्स ने मिलकर इसे शुरू किया है। हाईपरलूप में एक सील की ट्यूब की सीरीज होती है जिसके जरिए किसी भी घर्षण और हवा के रूकावट के बिना लोगों को एक जगह से दूसरी जगह की यात्रा कराई जा सकती है। इसमें ट्रेन जैसी ही लोगों के लिए बैठने की जगह होगी।

बता दें कि कंपनी ने पहले हाईपरलूप का लो स्पीड टेस्ट किया फिर इसकी टेस्टिंग स्पीड से की गई। 29 जुलाई को हाईपरलूप वन के प्रोटोटाइप पॉड को 500 मीटर लंबे टेस्ट ट्यूब में छोड़ा गया था। इस परीक्षण में हाईपर लूप वन ने लगभग 309 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ी। कंपनी का दावा है कि यह अब तक का सबसे तेज हाईपरलूप टेस्ट है। हाईपरलूप वन का परीक्षण पहले हो चुका है। कंपनी आगे भी इसका परीक्षण जारी रखेगी।