परमाणु बम से इतना खतरनाक है नॉर्थ कोरिया का हाइड्रोजन बम


नई दिल्ली (3 सितंबर): नॉर्थ कोरिया ने हाइड्रोजन बम का परीक्षण कर दुनिया में तहलका मचा दिया है। नॉर्थ कोरिया के इस परीक्षण के बाद साउथ कोरिया ने तुरंत राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है। साउथ कोरिया, जापान और अमेरिका की सबसे बड़ी चिंता का कारण यह है कि हाइड्रोजन बम परमाणु बम से हजार गुना ज्यादा खतरनाक होता है।

दूसरे विश्वयुद्ध में दुनिया एक बार परमाणु बम का कहर देख चुकी है। सिर्फ 2 परमाणु बमों से लाखों लोगों की जानें चली गई थीं और जापान को दशकों तक परमाणु बम से संबंधित विभीषिकाएं झेलनी पड़ी हैं। अभी तक कहीं भी किसी भी लड़ाई या देश में हाइड्रोजन बम का इस्तेमाल नहीं हुआ है। इसका एकमात्र कारण यह है कि यह हथियार जनसंहारक और काफी विनाशक है।

हाइड्रोजन बम से निकलने वाली ऊर्जा, परमाणु बम से निकलने वाली ऊर्जा से हजार गुना अधिक होती है। इसके एक ही धमाके से कई शहर एकसाथ पूरी तरह तबाह हो सकते हैं। जहां तक बात इसके धमाके से सुरक्षित दूरी की है, तो यह हाइड्रोजन बम के आकार पर निर्भर करता है। जितना बड़ा हाइड्रोजन बम होगा, उसकी मारक क्षमता उतनी ही अधिक होगी।  

परमाणु बम करता है इतनी तबाही...
20 किलोटन परमाणु विस्‍फोट से करीब आधा किमी चौड़ा आग का गोला बनता है। 1.6 किमी का दायरा तत्‍काल घातक रेडिएशन के प्रभाव में आ जाता है। इसके साथ ही करीब पांच किमी के दायरे में घातक शॉक वेव फैल जाती है। 20 किलोटन से अर्थ है कि 20 हजार टीएनटी का एक साथ धमाका होना। इतना बड़ा धमाका हिरोशिमा में हुआ था।  

हाइड्रोजन बम करता है इतनी तबाही...
54 मेगा टन (5.40 करोड़ टीएनटी का धमाका) हाइड्रोजन बम का धमाका करीब 16 किमी चौड़ा आग का गोला बनाता है। घातक रेडिएशन का असर तत्‍काल 12.8 किमी से 19 किमी तक होता है। धमाका सैकड़ों वर्ग किमी इलाके में रखे बिना ढंके इलेक्‍ट्रॉनिक उपकरणों को उड़ा सकता है।