अमेरिका में नौकरी छोड़ मजदूर का बेटा सेना में बना अधिकारी

नई दिल्ली ( 10 दिसंबर ): अगर आपके अंदर जज्बा हो तो कुछ भी कर सकते हैं। एक मजूदर के बेटे न यही करके दिखाया है। हैदराबाद में सीमेंट की फैक्ट्री में काम करने वाले बरनाना गुन्नाया के अपने बेटे बरनाना यडागिरि को एक सेना अधिकारी की यूनिफॉर्म में इंडियन मिलिटरी अकैडमी की पासिंग आउट परेड में देखकर आंसू छलक गए। 

गुन्नाया हैदराबाद की एक सीमेंट फैक्ट्री में 100 रुपया प्रतिदिन के हिसाब से दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। उन्हें एक दिन पहले तक यह भी नहीं पता था कि उनका बेटा भारतीय सेना में कमीशंड ऑफिसर बन गया है। 

बर्नाना यादगिरी ने गरीबी को मात देते हुए सेना में अधिकारी बनकर अपनी प्रतिभा का दिखाया है। बर्नाना ने आइएमए के टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स में सिल्वर मेडल अपने नाम कराते हुए आर्थिक तंगी व दूसरी चुनौती से पढ़ाई पूरी न कर पाने वालों का हौसला बढ़ाया है। बर्नाना की इस कामयाबी की पासिंग आउट परेड में खूब तारीफ हुई है। 

हैदराबाद से लगे कस्बाई गांव में रहने वाले गुरनैया सीमेंट की फैक्ट्री में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके दो बच्चों में सबसे बड़े बेटे बर्नाना यादगिरी बचपन से प्रतिभा के धनी थी। 

उसके पीछे उनके पिता गुरनैया की मेहनत है। उन्होंने गरीबी और आर्थिक तंगी से पढ़ाई पूरी न करने और सपने पूरे न कर पाने वालों को संदेश दिया कि कड़ी मेहनत और लगन उनको सफलता पाने से नहीं रोक सकती।