अवैध संबंधों से परेशान था पति, बेटी से साथ मिलकर पत्नी का किया मर्डर

अमिताभ ओझा, पटना (24 अप्रैल): पटना में लाश के 13 टुकड़ों की मिस्ट्री पुलिस ने सुलझा ली है। सिर्फ 72 घंटों में पुलिस हत्यारों तक पहुंच गई। ये हत्याकांड अवैध संबंधों की वजह से हुआ था, जिसमें शामिल थे महिला के पति, बेटी और दामाद।


कातिल ने 1 लाश के 13 टुकड़ों को पटना से गया के बीच फेंक दिए ताकि शव की पहचान ना हो सके, लेकिन पटना के एसएसपी मनु महाराज की अगुवाई में हत्याकांड को सुलझाने में लगी टीम को अहम सुराग हाथ लगा। पुलिस का ध्यान बैनर के उस टुकड़े पर गया, जिसमें कातिल ने खंजर लपेटकर फेंका था। इस बैनर पर फ्रेंड्स क्लब, कुसुम पुरम, परसा बाजार का प्रिंट था। पुलिस ने कुसुम पुरम में जांच की तो पता लगा कि यहां गीता देवी नाम की एक महिला कुछ दिनों से लापता है, वो यहां अपनी बेटी पूनम से मिलने आई थी।


पुलिस ने पूनम देवी और मृतक गीता देवी के पिता उमेश कांत को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो एक भयानक हत्याकांड सामने आया। गीता देवी को मारने वाला कोई और नहीं बेटी पूनम, पति उमेश कांत और दामाद रंजन कुमार ही थे। बताया जा रहा है कि गीता देवी के अवैध संबंधों की वजह से परिवार परेशान था। इसलिए पति, बेटी ने मिलकर गीता देवी की हत्या की साजिश रची। अपने प्लान में उन्होंने दामाद रंजन और उसके एक दोस्त राजेश को शामिल किया। राजेश और रंजन ने ही गीता के शव के 13 टुकड़े किए और उन्हें अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया। इतने भयानक अपराध के बावजूद बेटी को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है।


1 लाश 13 टुकड़े और 100 किलोमीटर के रास्ते की ये मर्डर मिस्ट्री सुलाझानी पुलिस के लिए आसान नहीं थी, लेकिन सिर्फ 72 घंटों में इस मामले को सुलझा लिया गया। इसमें पुलिस ने काबिले तारीफ काम किया।