शव वाहन नहीं मिला, बेटे की कमर में बांध बाइक से 20 किमी ले गए पत्नी की लाश

पूर्णिया(4 जून): अस्‍पताल में पत्‍नी की मौत के बाद जब शव वाहन नहीं दिया गया तो मजबूर पति शव को बेटे के सहयोग से बाइक पर ले जाने को मजबूर हो गया। मानवीय संवेदना को झकझोर देने वाली यह घटना पूर्णिया सदर अस्‍पताल में हुई।

- जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है, जो अपनी रिपोर्ट सोमवार तक देगी।

- जानकारी के अनुसार दो दिन पहले सुशीला देवी को उनके पति ने शंकर ने पूर्णिया सदर अस्‍पताल में भर्ती कराया था। उनकी मौत शुक्रवार को हो गई। मौत के बाद श्रीनगर स्थित अपने घर ले जाने के लिए सुशीला के पति शंकर को शववाहन भी उपलब्ध नहीं कराया गया।

- शव वाहन नहीं मिलने के पर शंकर व उनके पुत्र ने बाइक पर शव ले जाने का फैसला किया। शव को बीच में गमछा के सहारे अपने शरीर से बेटे ने बांधा और पीछे उसे संभालकर पति बैठ गए। फिर, बेटे ने बाइक को ड्राइव किया।

- शनिवार को जब यह मामला प्रकाश में आया तो हड़कम्‍प मच गया। जिला प्रशासन ने अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता का संज्ञान लेते हुए जांच टीम गठित कर दी है। जांच टीम सामवार तक अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। सूत्रों के मुताबिक जांच टीम ने पीडि़त परिवार से बातचीत की है।

- इस संबंध ने सिविल सर्जन ने कहा कि सदर अस्पताल में आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से शव वाहन उपलब्ध कराया जाता है जो बीपीएल परिवारों के लिए निश्शुल्क होता है। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन से इसकी मांग की जाती है। सिविल सर्जन ने कहा कि मृतक के परिवार ने शव वाहन की मांग नहीं की थी।