क्या हुर्रियत से मिलेगा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ?

संजीव त्रिवेदी, नई दिल्ली (3 सितंबर): रविवार को श्रीनगर जाने वाला केंद्र का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल इस दुविधा में फंस गया है कि वो श्रीनगर में हुर्रियत के नेताओं से मुलाकात करे या नहीं। लगभग 20 राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व कर रहे 30 नेताओं के इस दल को सरकार ने शनिवार को एक बैठक कर घाटी में मौजूदा हालात की जानकारी दी। संसद भवन में हुई इस बैठक में उन्हें ये भी बताया गया कि घाटी में 50 दिनो से जारी कर्फ्यू को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और व्यक्तियों की क्या-क्या राय है। मौके पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार के अलावा पीएमओ में राज्य मंत्री जीतेंद्र सिंह और संबंद्ध मंत्रालयों के कई अफसर मौजूद थे।

बैठक में सरकार की तरफ से कहा गया कि श्रीनगर में दो दिन रुकने वाला प्रतिनिधिमंडल राज्य के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगा। राज्य के कई इलाकों में पिछले 50 दिनो से कर्फ्यू लागू है और फैली अशांति में अबतक करीब 70 लाख मारे जा चुके हैं। सरकार के प्रस्ताव से अलग विपक्ष की राय ये थी कि अलगाववादियों से मुलाकात बिल्कुल की जानी चाहिए। बैठक के बाद सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि सरकार को प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के लिए हर्रियत के अलगाववादियों को भी न्यौता देना चाहिए। लेकिन गृहमंत्री का मानना है कि प्रतिनिधिमंडल के लोग चाहे किसी से भी मुलाकात कर सकते हैं लेकिन केंद्र सरकार के मंत्री सिर्फ उन्हीं से मिलेंगे जो संविधान के दायरे में मौजूदा समस्या के समाधान में आस्था रखते हैं।

उधर हुर्रियत ने भी कड़ा रुख अपना रखा है। प्रतिनिधिमंडल से मिलने में अबतक उन्होंने कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है और सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से मिलने की ऐसी शर्ते लगाई हैं कि सरकार ने अबतक उन्हें न्यौता ही नहीं दिया। हुर्रियत चाहता है कि भारत सरकार पहले ये माने की कश्मीर एक विवादास्पद इलाका है, लेकिन भारत सरकार इस शर्त के लिए कतई तैयार नहीं है। ऐसे माहौल में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल क्या हासिल कर पाएगा इसको लेकर अटकलों के दौर गर्म हैं।

जो हैं प्रतिनिधिमंडल में शामिल:

गहमंत्री राजनाथ सिंह, पीएमओ में राज्यमंत्री जीतेंद्र सिंह, गुलाम नबी आजाद, मल्किकारजुना खड़गे, अंबिका सोनी, रामविलास पासवान, शरद यादव, सीताराम येचुरी, डी राजा, तारिक अनवर, सौगत राय, संजय राउत, आनंदराव अडसुल, प्रेमसिंह चंदूमाजरा, दिलीप तिर्की, असदउद्दीन ओवैसी, इ अहमद, जीतेंद्र रेड्डी, एनके प्रेमचंद्रन, बदरुद्दीन अजमल, जीतेंद्र रेड्डी, एनके प्रेचंद्रन, पी वेनूगोपाल, प्रेम सिंह, नरसिंहम तिरुची शिवा, जयप्रकाश यादव, धर्मवीर गांधी, जयप्रकाश यादव, घर्मवीर गांधी और दुष्यंत चौटाला।