ह्यूमन राइट्स वाच रिपोर्टःसिंध-बलूचिस्तान में हत्या-रेप और पुलिस की मनमानी

नई दिल्ली (27 सितंबर): एक वैश्विक अधिकार निकाय ने अपनी एक रिपोर्ट में  कहा कि पाकिस्तान में पुलिस ‘मनमानी गिरफ्तारी, प्रताड़ना, हत्या और यौन हिंसा’ आदि के जरिए व्यापक मानवाधिकार उल्लंघन में शामिल है।  - रिपोर्ट में कहा गया है कि बल के भ्रष्ट अधिकारियों के कारण धार्मिक रूप से अल्पसंख्यकों की स्थिति विशेष रूप से संवदेनशील है। 

- ह्यूमन राइट्स वाच की रिपोर्ट में शामिल तथ्य बलूचिस्तान, सिंध और पंजाब प्रांतों में पुलिस द्वारा उत्पीड़न के शिकार हुए लोगों एवं गवाहों के अलावा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साक्षात्कारों पर आधारित है। 

- रिपोर्ट में वर्ष 2015 के दौरान पुलिस द्वरा कथित रूप से 2000 से ज्यादा फर्जी मुठभेड़ों का ब्यौरा दिया गया है। 

- रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के पुलिस तंत्र में तत्काल व्यापक बदलाव की मांग की गयी है क्योंकि मौजूदा व्यवस्था मानवाधिकार के गंभीर उल्लंघन को बढ़ावा देती है। 

- रिपोर्ट के अनुसार छोटे समूहों, शरणार्थियों, गरीबों, धार्मिक अल्पसंख्यकों और भूमिहीनों का पुलिस उत्पीड़न का शिकार बनने का ज्यादा जोखिम होता है।