शिवराज सरकार से मंदसौर मामले पर मानवाधिकार आयोग ने मांगा जवाब

नई दिल्ली ( 7 जून ): मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में आंदोलनकारी किसानों पर पुलिस फायरिंग में 5 किसानों की मौत के बाद राज्य में भारी हंगामे का मौहाल है। मंदसौर में गुस्साएं प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह तोड़फोड़ की, वहीं 8-10 वाहिनों को आग के हवाले कर दिया। वहीं बारखेड़ा इलाके में पुलिस पर पथराव की भी खबर है। इस बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात कर दिया गया। उज्जैन में भी पुलिस पर लोगों ने पथराव किया। 4 जिलों में इंटरनेट पर भी रोक लगा दिया गया है।

अब मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग ने मंदसौर में गोलीबारी में किसानों की मौत के मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए मध्यप्रदेश शासन से जवाब मांगा है। आयोग की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक इस सिलसिले में प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश तथा मंदसौर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से प्रतिवेदन मांगा गया है।

विज्ञप्ति में बताया गया है कि ये प्रकरण आयोग की दो सदस्यीय खण्डपीठ में 23 जून, 2017 को सुनवाई के लिए नियत किया गया है। आयोग ने विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित घटनाक्रम पर स्वतः संज्ञान लिया है।