'मेक इन इंडिया' के तहत विकसित पहले ट्रेनर एयरक्राफ्ट HTT-40 ने उड़ान भरी

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शैलेश कुमार, नई दिल्ली (17 जून): आज मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत विकसित किए गए पहले ट्रेनर एयरक्राफ्ट ने उड़ान भरी। एचटीटी-40 एयरक्राफ्ट के उड़ान के बाद खुद रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने इसके कॉकपिट में बैठकर एयरक्राफ्ट की तकनीक समझी। जल्दी ही ये एयरक्राफ्ट भारतीय सेना में शामिल होगी। 

ये मेक इन इंडिया की उड़ान है। हमें पहला ट्रेनर एयरक्राफ्ट मिला है जो देश में बना है। आज जब इस एयरक्राफ्ट ने आसमान में उड़ान भरी तो इसकी कलाबाजी देखते ही बनी। खुद रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर देश की इस उड़ान को देखने के लिए मौजूद थे। बैंगलोर में हुए इसके पहले ट्रायल को देखकर पूरा देश गदगद हो उठा। अब हमें अपनी सेना के जवानों को उड़ान की ट्रेनिंग देने के लिए विदेशों से ट्रेनर एयरक्राफ्ट मंगवाने की जरुरत नहीं रही। देश ने अपना पहला ट्रेनर एयरक्राफ्ट बना लिया है। और उसका ट्रायल भी सफल रहा।

बैंगलोर में हिंदुस्तान के सबसे लेटेस्ट बेसिक ट्रेनर एअरक्रॉफ्ट एचटीटी-40 ने सुबह सवा नौ बजे उड़ान भऱी। इसके सफल ट्रायल के बाद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर खुद इसके कॉकपिट में बैठकर देखे। इस एयरक्राफ्ट के बारे में पूरी जानकारी ली। मेक इन इंडिया का तोहफा भारतीय सेना को जल्दी ही मिलने वाला है।

सेना को मिलने वाला ट्रेनर एयरक्राफ्ट कई खूबिय़ों से लैस है। एयरक्राफ्ट एचटीटी-40 में 1100 हॉर्स पावर का इंजन लगा है। 2800 किलो वजन वाले विमान में दो क्रू मेंबर बैठ सकते हैं। 600 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से एक हजार किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। उड़ान में इसने सारी चुनौतियों को पास किया। इस उड़ान की कामयाबी से देश को बडी ताकत दी है।

स्वदेशी हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर -40 दरअसल इंडियन एअरफोर्स से रिटायर हो चुके एचपीटी-32 दीपक को रिप्लेस करेगा। एचटीटी जैट फ्लाईंग कैड़ेट्स की पहले स्टेज की ट्रेनिंग में इस्तेमाल किया जाएगा। फिलहाल भारतीय वायुसेना लगभग 70 एचटीटी-40 जैट एचएएस से खरीदेगी। 

हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर-40 यानि एचटीटी-40 की डिजाइन को सबसे पहले 2013 में लॉन्च किया गया था। इसको एचएएल ने खुद की फंडिंग से ही बनाया था। 2015 में इसके डिजाइन को पूरा किया गया । और महज एक साल के एक रिकॉर्ड टाईम में एचटीटी -40 ने उड़ान भर ली ।

उम्मीद की जा रही है कि 2018 तक इसको ऑपरेशनल क्लियरिंस मिल जाएगी। इसे वायुसेना की जरुरत के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। इस ट्रेनर एयरक्राफ्ट में हथियार भी लगाए जाएंगे। इस विमान में 80 फीसदी कलपुर्जे भारत में बने हैं जिसे 40 छोटी बड़ी कंपनियों की मदद से बनाया गया है।

कहते हैं कि अगर नींव मजबूत हो तो बडे से बड़ा तूफान भी घर को नहीं गिरा सकता। देश में ही बना अपना बेसिक ट्रेनर एअरक्रॉफ्ट लड़ाकू पायलटों की ऐसी फौज खड़ी कर सकता है जो दुश्मन को चारों खाने चित्त कर सकता है। एचटीटी-40 की उड़ान न सिर्फ वायुसेना बल्कि आर्मी, और नौसेनिकों को भी पंख देगी।