ऋतिक ने सौंपे नए 'सबूत', 30 अप्रैल को हो सकता है कंगना का बयान दर्ज़

मुंबई (19 अप्रैल) :  कंगना रनौत से विवाद के बीच फर्जी ईमेल अकाउंट मामले में ऋतिक रोशन ने नए सबूत मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम डिविजन को मुहैया कराए हैं। इस बीच, पुलिस सोमवार को कंगना का बयान बतौर गवाह दर्ज़ नहीं कर सकी। अब ये बयान 30 अप्रैल को दर्ज़ किया जा सकता है।   

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ऋतिक के वकील दीपेश मेहता ने मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम डिविजन को 40 एडिशनल ईमेल सबूत के तौर पर सौंपे हैं। उधर, कंगना के वकील ने कहा है कि यदि वाकई ऋतिक का ईमेल अकाउंट किसी ने हैक किया था, तो अब तक वे चुप क्यों बैठे थे?

वहीं, ऋतिक के वकील का दावा है कि जो 40 एडिशनल ईमेल सबूत के तौर पर साइबर क्राइम डिविजन को सौंपे गए हैं, वो सभी ईमेल कंगना ने ऋतिक को उनके ऑरिजिनल ईमेल ऐड्रेस पर 24 मई, 2014 के बाद भेजे थे।

ऋतिक के आरोपों के मामले में पुलिस की एक टीम को कंगना के घर उनका बयान दर्ज करने के लिए सोमवार सुबह 11: 30 बजे जाना था। लेकिन इसे टाल दिया गया। पुलिस को एक्ट्रेस के वकील रिजवान सिद्दीकी ने बताया कि कंगना अभी बयान दर्ज़ कराने के लिए उपलब्ध नहीं हैं। पुलिस कंगना के लैपटॉप और कम्प्यूटर की भी जांच करना चाहती थी। लेकिन अब वह बयान दर्ज करने के साथ घर की जांच 30 अप्रैल को कर सकती है।

बता दें कि दिसंबर, 2014 में ऋतिक ने साइबर पुलिस में शिकायत की थी कि उनके नाम से कोई शख्स उनके एक फैन से बात कर रहा है। हालांकि, ऋतिक ने उस वक्त कंगना का नाम नहीं लिया था, क्योंकि ऐसा होने पर पूछताछ के लिए कंगना को भी बुलाया जाता। मार्च के आखिरी हफ्ते में उन्होंने इस शिकायत को री-ओपन करते हुए एफआईआर दर्ज कराई। इसमें उन्होंने कंगना का नाम लिया।