मीटर में पूरी माप के बाद भी ऐसे हो रही है पेट्रोल की चोरी...

जयपुर (15 जून): अगर आपको पम्प पर मशीन का मीटर पूरी माप दिखा रहा हो तब भी जरूरी नहीं कि वाहन की टंकी में पूरा पेट्रोल-डीजल भरा है। सीबीआई और एचपीसीएल की सतर्कता शाखा की ओर से सवाई माधोपुर के एक पम्प पर पेट्रोल चोरी के पकड़े मामले से तो यही खुलासा हुआ है।

वहां पम्प की मशीन के सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी कर ग्राहकों को पेट्रोल-डीजल कम दिया जा रहा था। सीबीआई पम्प संचालकों से पूछताछ कर रही है। सवाई माधोपुर के बजरिया स्थित लड्ढा फिलिंग स्टेशन पर उक्त कार्रवाई की गई। एचपीसीएल की सतर्कता शाखा को उक्त पम्प पर गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। शाखा के अधिकारियों के साथ सीबीआई की जयपुर टीम ने मंगलवार को छापा मारा। वहां मशीन सॉफ्टवेयर से संचालित होती है, जिसमें छेड़छाड़ कर पेट्रोल-डीजल की माप में गड़बड़ी की जा रही थी।

ऐसे चलता है लूट का खेल सामने आया कि एक लीटर पेट्रोल पर ग्राहकों को दो से तीन रुपए की चपत लगाई जा रही थी। पूरे स्टॉक में हजारों रुपए की हेरफेर की जा रही थी। सीबीआई टीम देर रात तक वहां पड़ताल में जुटी थी। पम्प पर मशीन में जिस नोजल से तेल वाहनों में भरा जाता है, वह सॉफ्टवेयर से संचालित होती है। तेल कम्पनियों के अधिकारियों की मानें तो पम्प संचालक इस मशीन का कवर खोल सकते हैं। अन्दर की मशीनरी बाट एवं माप विभाग द्वारा सील की होती है।

कई संचालक सील का तोड़ निकाल लेते हैं। मशीन के सॉफ्टवेयर को अलग से चिप लगा रिमोट से कंट्रोल किया जाता है, या अलग स्विच लगाया जाता है। डिस्प्ले पर तो पेट्रोल-डीजल की वही मात्रा दिखती है, जो उपभोक्ता ने ली है, रिमोट से सॉफ्टवेयर कंट्रोल होने पर उतनी मात्रा में तेल गाड़ी में जाता है, जितना गड़बड़ी करने वाले ने सिस्टम में तय कर रखी है।