त्योहारी सीजन में ऐसे और मिठास लाएगी मोदी सरकार

नई दिल्ली(30 अगस्त): त्योहारी सीजन से पहले बाजार में चीनी के दाम स्थिर रहें, इसके लिए सरकार ने मंगलवार को चीनी मिलों पर स्टॉक लिमिट लगा दी। उसने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से प्याज की सट्टेबाजी और जमाखोरी करनेवाले ट्रेडर्स के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भी कहा है।

- केंद्रीय खाद्य मंत्री राम विलास पासवान ने ट्विटर पर लिखा, 'सितंबर और अक्टूबर में त्योहारी सीजन से पहले चीनी के दाम कंट्रोल में रखने के लिए शुगर मिलों पर स्टॉक लिमिट लगा दी है।' 

- उन्होंने कहा कि देश में घरेलू खपत के लिए चीनी की कोई कमी नहीं है। 

- पासवान ने कहा कि चीनी मिलों को सितंबर में अपने पास मौजूद चीनी का 21 पर्सेंट स्टॉक ही रखने की इजाजत होगी। अक्टूबर में स्टॉक लिमिट घटाकर 8 पर्सेंट कर दिया जाएगा। ट्रेडर्स पर पहले से ही 500 टन की स्टॉक लिमिट लगी हुई है।

- इंडियन शुगर मिल्स की प्रेसिडेंट टी सरिता रेड्डी ने कहा कि सीजन के लिए चीनी मिलों के पास पहले से ही न्यूनतम स्टॉक है। उन्होंने कहा, 'हम फैक्टरियों से अपील करते हैं कि त्योहारी सीजन की शुरुआत से ही दाम काबू में रखने के लिए स्टॉक ना रखें और उनको बेचते रहें।'

- इंडस्ट्री एग्जिक्यूटिव्स के मुताबिक, जुलाई अंत तक देश में 82.9 लाख टन चीनी की उपलब्धता थी। इसमें से लगभग 43.5 टन चीनी की खपत अगस्त और सितंबर में होनी है। 

- सीजन 2016-17 में टोटल 2.83 करोड़ टन चीनी की उपलब्धता थी। इसमें पिछले साल का कैरी फॉरवर्ड स्टॉक, डोमेस्टिक प्रॉडक्शन और रॉ शुगर इंपोर्ट भी शामिल था। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के थोक चीनी बाजारों में पिछले एक महीने से 36-37 रुपये प्रति किलो का एक्स मिल भाव था, लेकिन साउथ में चीनी का दाम पिछले चार दिन में 1-2 रुपये प्रति किलो तेज होकर 38-39 रुपये पर पहुंचा है।

- केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के प्रेस बयान के मुताबिक, सरकार ने राज्यों से यह पक्का करने को कहा है कि वाजिब दाम पर प्याज की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। राज्य सरकारें अब प्याज पर स्टॉक लिमिट लगा सकती हैं और सट्टेबाजों और मुनाफाखोरों के खिलाफ डी-होर्डिंग जैसे कई तरह के उपाय कर सकती हैं। मंत्रालय ने कहा है कि हाल के हफ्तों, खासतौर पर जुलाई के बाद से प्याज के दाम में असामान्य बढ़ोतरी को देखते हुए यह जरूरी हो गया है। हालांकि प्याज का प्रॉडक्शन और इसकी सप्लाई पिछले साल से बेहतर है।