अब ऐसे होगा पाकिस्तान का हुक्का-पानी बंद !

नई दिल्ली (23 अक्टूबर): केंद्र सरकार कश्मीर में 4 फास्ट ट्रैक वाटर प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। ये सभी प्रोजेक्ट सिंधु बेसिन (सिंधु समेत झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज नदियां) में बनाए जा रहे हैं। इनसे जम्मू-कश्मीर के 2.05 एकड़ में सिंचाई हो सकेगी। सिंधु जल समझौते की 27 सितंबर को रिव्यू मीटिंग में भारत ने पाक को मिलने वाले झेलम समेत 3 नदियों के ज्यादा से ज्यादा पानी को इस्तेमाल करने करने की बात कही थी।

- उरी हमले के बाद सितंबर में नरेंद्र मोदी ने 56 साल पुराने सिंधु जल समझौते को लेकर रिव्यू मीटिंग बुलाई थी।

- इसमें मोदी ने तल्खी दिखाते हुए साफ कहा था, 'खून और पानी साथ नहीं बह सकते।' 

- 4 प्रोजेक्ट्स में तीन 'त्राल इरीगेशन प्रोजेक्ट' (पुलवामा), 'प्राकचिक खोस कैनाल' (करगिल) और 'रेस्टोरेशन एंड मॉडर्नाइजेशन ऑफ मेन रावी कैनाल' (जम्मू के सांबा और कठुआ) के इसी फाइनेंशियल इयर में पूरा होने की संभावना है।

- चौथा प्रोजेक्ट 'राजपोरा लिफ्ट इरीगेशन' 2018 तक पूरा होगा।

- चारों प्रोजेक्ट्स पर करीब 117 करोड़ का खर्च आएगा। इस रकम को नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर और नाबार्ड से लिया जाएगा।

- इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होते ही इन नदियों का पानी गर्मी के दिनों सहित लगभग 9 महीने भारत ही उपयोग में ला सकेगा।