अब 'इनकम टैक्स चोरी' पर ऐसे लगेगी लगाम

नई दिल्ली (18 जुलाई): करचोरी को रोकने के लिए आयकर विभाग ने अघोषित सम्पत्ति को लेकर अपनी चौकसी को मुस्तैद किया है। अब आपको सभी हाई-वैल्यू ट्रांसैक्शन्स के लिए पैन कार्ड को रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा।

- प्रॉपर्टी रजिस्ट्रार्स और फाइनैंशियल इंस्टीट्यूशन्स जिनसे आप डील करते हैं, जैसे कि बैंक, बीमाकर्ता, म्यूचुअल फंड कंपनी या क्रेडिट कार्ड कंपनी, टैक्स डिपार्टमेंट को आपके सभी बड़े लेनदेनों के बारे में सूचना देते हैं। - टैक्स डिपार्टमेंट इस सूचना को आपके फाइल किए गए रिटर्न से तुलना करता है। - टैक्सप्लानरडॉटकॉम के को-फाउंडर और सीईओ, सुधीर कौशिक ने बताया, "इन रिपोर्ट्स के जरिए टैक्स डिपार्टमेंट आपकी कुल आय के साथ खर्चे और निवेश की तुलना कर करेक्ट टैक्स लायबिलिटी का आकलन कर रहा है। इस तरह करचोरी का भी पता लगेगा अगर कोई पाई जाती है।"

इस तरह हाई-वैल्यू ट्रांसैक्शन्स का पता लगाएगा 1. अगर आपने अलग-अलग अकाउंट्स से एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख से ज्यादा का कैश जमा किया है। डिमांड ड्राफ्ट बनाया है या फिक्स्ड डिपॉसिट कराया है, तो आपका बैंक टैक्स डिपार्टमेंट को इसकी जानकारी देगा।

2. प्रॉपर्टी रजिस्ट्रार को 30 लाख से ज्यादा की अचल सम्पत्ति की खरीद-बिक्री की जानकारी देनी होगी।

3. अब, 20 लाख रुपए से ज्यादा कीमत की प्रॉपर्टी की खरीद पर 1 फीसदी टीसीएस (टैक्स कलेक्टेट एट सोर्स) की कटौती होगी। जो खरीददार की तरफ से टैक्स डिपार्टमेंट में जमा होगी।

4. अगर आपने क्रैडिट कार्ट से एक लाख रुपए या किसी अन्य मोड के जरिए 10 लाख या ज्यादा का कैश पेमेंट किया है। तो क्रेडिट कार्ड कम्पनी टैक्स अथॉरिटीज़ को इसकी रिपोर्ट देगा।

5. 10 लाख के शेयर्स, डिबेंचर्स या म्यूचुअल फंड की खरीद के बारे में कंपनियां टैक्स अथॉरिटीज़ को रिपोर्ट करेंगी।

6. अगर आप 50 लाख से ज्यादा कमाते हैं, तो आपको अपनी सम्पत्ति और लायबिलिटी के बारे में नई आईटीआर फॉर्म में इस साल रिपोर्ट करना होगा। 

7. अब 2 लाख से ज्यादा कीमत के किसी भी सामान या सर्विस की खरीद पर पैन अनिवार्य होगा। इसके अलावा टीसीएस भी इस साल शुरू किया गया है। जो एक जून से शुरू होगा। 

8. टीडीएस के माध्यम से भी इनकम टैक्स पेयर्स को ट्रैक किया जाएगा। बैंक्स टीडीएस काटती हैं, अगर फिक्स्ड डिपाजिट्स पर इंटेरेस्ट इनकम सालाना 10,000 रुपए से ज्यादा है।

9. 10 लाख से ज्यादा की कार खरीद पर एक फीसदी लक्जरी टैक्स लगाया जाएगा। यह बिक्रेता की तरफ से काटा जाएगा और एक्स-शोरूम प्राइस पर लागू होगा। हालांकि, यह एक्स्ट्रा पेमेंट टोटल टैक्स लायबिलिटी के अगेंस्ट भी सेट-ऑफ की जा सकती है।

10. आपको पैन कार्ड की जानकारी इन चीजों पर भी देनी होगी-

- टू-व्हीलर्स के अलावा वाहनों की खरीद-बिक्री पर। - बैंक-अकाउंट या डीमट अकाउंट खुलवाने पर, या क्रैडिट कार्ड के लिए एप्लाई करने पर। - 50,000, रुपए से ज्यादा का फिक्स्ड डिपॉजिट करवाने पर। - इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए 50,000 रुपए से ज्यादा का पेमेंट करने पर। - रेस्त्रां, होटल या फॉरेन ट्रिप बिल्स के लिए 50,000 रुपए से ज्यादा का पेमेंट करने पर। - 50,000 रुपए से ज्यादा कीमत के म्यूचुअल फंड्स, डिबेंचर्स, बॉन्ड्स खरीद पर। - बैंक में 50,000 रुपए से ज्यादा का पैसा जमा करने पर।