ब्लैक मनी को WHITE कर रहे हैं बैंक! जानिए कैसे

  • नई दिल्ली (15 दिसंबर): नोटबंदी के बाद पूरा बैंकिंग सिस्टम मोदी सरकार के रडार पर हैं। देश के हर कौने से बैंकों के जरिए कालेधन को सफेद करने की लगातार खबरें आ रही हैं। बैंकों में पुराने नोटों को बदलकर ब्लैक को व्हाइट करने का खेल चल रहा है। जिसके कारण बैंकों पर रेड हो रही है बड़े अधिकारी पकड़े जा रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने देशभर के 50 से ज्यादा बैंक शाखाओं पर छापे मारी की है। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने कुछ ही दिन पहले गुजरात के डीसा में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, बैंक वाले पकड़े जा रहे हैं, लोग गड्डी के साथ पकड़े जा रहे हैं। इन्हें लगा था कि हम पिछले दरवाजे से पैसे ले जाएंगे, लेकिन इन्हें पता नहीं था कि मोदी ने पीछे भी कैमरे लगा रखे हैं। ऐसी भी खबरें आईं कि पीएम मोदी ने 100 बैंकों का स्टिंग भी कराया है। अब सवाल उठ रहा है कि बैंकों ने नोटबंदी के फैसले पर क्या सरकार को धोखा दिया है। सरकार ने जिस बैंकिंग प्रणाली के बलबूते पर काले धन के खिलाफ अभियान चलाया, अब उसी में भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं।
  • नोटबंदी की घोषणा के बाद से देश के कई सारे बैंकों के मंझोले स्तर के अधिकारी काले धन को सफेद बनाने के काम में जुट गए। सिर्फ एक्सिस बैंक की चांदनी चौक शाखा के 44 फर्जी खातों में 100 करोड़ रुपये जमा कराए गए। कुछ और बैंकों में भी अवैध तरीके से रखी हुई भारी रकम पकड़ी गई है।  इन घटनाओं से चिंतित सरकार ने देश के विभिन्न बैंकों की करीब 100 शाखाओं का स्टिंग ऑपरेशन कराया है, जिसकी सीडी वित्त मंत्रालय को भेज दी गई है। बैंकों के इस रवैये से सिस्टम के प्रति लोगों का भरोसा टूट रहा है। नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री का दावा था कि इससे गरीब चैन की नींद सोएंगे जबकि अमीरों की नींद हराम हो जाएगी। पर अभी ऐसा लग रहा है कि अमीरों ने बैंकों से मिलीभगत करके अपनी काली कमाई को सफेद कर लिया है, जबकि गरीब की रोजी-रोटी पर भी आफत आ गई है। आइए जानते हैं कहां-कहां पकड़े गए काले धन को सफेद करते हुए बैंक अधिकारी-
  • किस-किस बैंक में पड़े छापे...
  • एक्सिस बैंक, चांदनी चौक, दिल्ली- एक्सिस बैंक में काले धन को सफेद करने का बड़ा मामला पकड़ में आया है। आयकर विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को इस बात का खुलासा किया कि एक्सिस बैंक की चांदनी चौक, दिल्ली शाखा ने 44 फर्जी खाता खोलकर उसमें 100 करोड़ रूपए जमा किए थे।
  • एक्सिस बैंक, कश्मीरी गेट, दिल्ली- प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) ने 5 दिसंबर को एक्सिस बैंक की कश्मीरी गेट, दिल्ली शाखा के दो मैनेजरों को गिरफ्तार कर तीन किलो सोने के बिस्कुट जब्त किए थे। इससे पहले ईडी ने 30 नवंबर को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
  • एचडीएफसी बैंक, गुरूग्राम- अवैध तरीके से पुराने नोट बदलने के मामले में गुरूग्राम स्थित एचडीएफसी बैंक के दो अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इनमें से एक डीएलएफ-2 शाखा में कैशियर के रुप में कार्यरत था।
  • एचडीएफसी बैंक, चंदीगढ़- अवैध तरीके से पुराने नोट बदलने के मामले में एचडीएफसी बैंक ने 3 दिसंबर को चंड़ीगढ़ के सेक्टर 15 स्थित शाखा में कार्यरत अपने चार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था।
  • ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, पंजाब- पंजाब पुलिस ने 5 दिसंबर को सार्वजनिक क्षेत्र के ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के एक शाखा प्रबंधक और एक कैशियर को गिरफ्तार किया था। इन पर एक कमीशन एजेंट से ठगी का आरोप है। ये लोग 20 फीसदी कमीशन पर पुराने नोट बदलने के काम में जुटे थे।
  • सिंडिकेट बैंक, हैदराबाद- हैदराबाद पुलिस ने 14 नवंबर को सिंडिकेट बैंक के दो अधिकारियों से अवैध तरीके से पुराने नोट बदलने के मामले में पूछताछ की थी। इनके ऊपर जमाकर्ता से आईडी फ्रूफ लिए बगैर छह लाख रुपए के पुराने नोट बदलने के आरोप थें। एक अधिकारी को बाद में निलंबित कर दिया गया।
  • एक्सिस बैंक, नोएडा- एक्सिस बैंक की नोएडा स्थित ब्रांच में गुरुवार को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने छापेमारी की। सेक्टर-51 स्थित ब्रांच में आयकर विभाग की छापेमारी में 20 फर्जी कंपनियों के अकाउंट्स होने की बात सामने आई है। इन खातों में 60 करोड़ से अधिक की राशि जमा हुई है।
  • आरबीआई, बेंगलुरु- बेंगलुरु से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के एक अफसर को अरेस्ट किया गया है। आरबीआई के दफ्तर में तैनात सीनियर स्पेशल असिस्टेंट के माइकल की गिरफ्तारी एक करोड़ 51 लाख 24 हजार रुपये के पुराने नोट को नए नोट में बदलने के मामले में की गई है। स्टेट बैंक ऑफ मैसूर के जरिए काले धन को सफेद करने का गोरखधंधा चल रहा था।
  • इंटीग्रल कोऑपरेटिव बैंक, जयपुर-  राजस्थान की राजधानी जयपुर में इनकम टैक्स विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आईटी ने कोऑपरेटव बैंक और उससे जुड़ी संस्था से 1 करोड़ 38 लाख रूपये के नए नोट और 2 किलो सोना बरामद किया है।
  • लखनऊ- ईडी ने लखनऊ के तीन बैंकों में भी छापेमारी की। ईडी के अधिकारी छापेमारी कर नोटबंदी के बाद लेन-देन का ब्यौरा खंगाल रहे हैं। ईडी टीमें इस के साथ ही बैंकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही हैं। उन खातों पर विशेष नजर है, जहां नोटबंदी के बाद एक दिन में बड़ी रकमें जमा कर अगले दिन या अगले कुछ दिनों में रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई या निकाल ली गई।
  • पुणे- नोटबंदी के बाद पुणे में इनकम टैक्स अधिकारियों ने खुफिया सूचना के आधार पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र पर छापा मारा और वहां लॉकर से 10 करोड़ रुपये बरामद किए हैं. इनकम टैक्स विभाग की ओर से सर्च ऑपरेशन जारी है.
  • इन पांच तरीकों से ब्लैक मनी को किया गया व्हाइट...
  • फेक आईडी से बदले गए नोट- 8 नवंबर को डिमोनेटाइजेशन की घोषणा के बाद लोगों को पुराने नोट एक्सचेंज बदलने का मौका दिया गया था। हालांकि उनके लिए अपने पैन कार्ड और आइडेंटिटी प्रूफ साथ में रखने की शर्त रखी गई थी। बैंकों में कस्टमर्स की इसी आइडेंटिटी से बड़े स्तर पर खेल हुआ। जांचकर्ताओं को पता चला है कि बैंकों में कस्टमर्स के आइडेंटिटी प्रूफ्स का इस्तेमाल अवैध ट्रांजैक्शंस में किया गया। करप्ट बैंकर्स ने कस्टमर्स की आईडी डिटेल्स लेकर उनको अवैध ट्रांजैक्शंस में यूज किया। सीबीआई ने एक बैंक के मैनेजर को ऐसे ही एक मामले में पकड़ा था।
  • डिमांड ड्राफ्ट में घालमेल- बैंक अधिकारियों ने ब्लैकमनी को व्हाइट करने के लिए जिन तरीकों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया, उनमें एक यह भी है। पुराने नोटों से डीडी बना लिए गए और फिर कुछ देर बाद इसे कैंसल कर नए नोटों में पैसे वापस ले लिए। नियम के मुताबिक, अगर रकम 49,000 रुपए से कम हैं तो कोई सवाल नहीं किया जा सकता है।
  • जनधन अकाउंट्स का गलत इस्तेमाल- देश में जनधन अकाउंट्स के गलत यूज के मामले सामने आए हैं। हैरत की बात है कि हर बैंक में कम-से-कम 10 से 15 फीसदी जनधन खातों का इस्तेमाल ब्लैकमनी को व्हाइट करने में हुआ। ऐसे बैंकर अब सीबीआई के निशाने पर हैं। नोटबंदी के बाद जनधन अकाउंट्स में 74 हजार करोड़ से ज्यादा की रकम जमा हुई है।
  • फर्जी अकाउंट्स खोल डाला गया कालाधन-  कुछ मामलों में जिन ईमानदार अकाउंट होल्डर्स के आईडी प्रूफ बैंकर्स के हाथ लगे, उनके नाम पर अकाउंट खोलकर उसके जरिए बड़ी हेराफेरी की गई। ऐसे अकाउंट्स में पुराने नोट जमा करके नए नोट निकाले गए। रूल्स के मुताबिक अकाउंट में जीरो बैलेंस होने पर वह खुद-ब-खुद अमान्य हो जाता है।
  • कमीशन लेकर बदले गए नोट- नोटों बैंकों के तमाम कैशियरों ने कमीशन लेकर पुराने नोटों को नए नोटों से बदल दिया। यह तरीका ज्यादातर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में अपनाया गया, जहां नोट बदलवाने के लिए बैंक गए गरीब और निरक्षरों को ठगा गया।