कैराना में विपक्ष ने ऐसे जीती जंग, इस छोटे से मैसेज ने पलट दी पूरी बाजी!

नई दिल्ली ( 1 जून ): पश्चिमी यूपी के कैराना लोकसभा उपचुनाव में गठबंधन समर्थित आरएलडी उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने बाजी मार ली। यहां बीजेपी की उम्मीदवार मृगांका सिंह को हार का सामना करना पड़ा। इस सीट पर विपक्ष की जीत और बीजेपी की हार विश्लेषण किए जा रहे हैं। तमाम राजनीतिक समीक्षाओं में कैराना उपचुनाव में आरएलडी व विपक्ष की संयुक्त उम्मीदवार तबस्सुम की जीत के पीछे आरएलडी नेता जयंत चौधरी की भूमिका भी अहम बताई जा रही है।कहा जा रहा है जिस वक्त कैराना और नूरपुर के उपचुनाव को लेकर विपक्षी दलों में गठंबधन की आस टूट चुकी थी, तब आरएलडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने सपा मुखिया अखिलेश यादव को एक छोटा सा मैसेज भेजा, जो बीजेपी की हार की नींव का पत्थर बन गया। इस मैसेज ने कैराना उपचुनाव में बीजेपी की हार की नींव रख दी।आरएलडी नेता जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को एक साधारण सा संदेश भेजा था जिससे न केवल दोनों पार्टियां करीब आईं बल्कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए मजबूत विपक्ष की एक रूपरेखा भी तैयार हो गई।राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पार्टी नेता अजीत सिंह के बेटे जयंत चौधरी कैराना उपचुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश सिंह तक अपनी बात पहुंचाने में कामयाब रहे। आरएलडी नेता जयंत चौधरी ने बताया, "मैंने उन्हें एक टेक्स्ट मैसेज भेजा। एक घंटे के भीतर उन्होंने मुझे कॉल किया और लखनऊ में एक बैठक भी तय कर दी।दो नेता तीन घंटे तक लंबी मुलाकात के बाद गठबंधन के लिए तैयार हो गए। जयंत ने पार्टी के भविष्य के लिए कैराना से अपनी दावेदारी को छोड़ दिया। इतना ही नहीं, जयंत ने अखिलेश की सलाह पर एसपी नेता तबस्सुम हसन को आरएलडी के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ाना भी तय कर लिया। गठबंधन बनाने की कोशिश की पहल करने से लेकर, स्थानीय बागी नेताओं को साधने और जमीनी स्तर पर गांव-गांव जाने तक जयंत चौधरी ने कैराना को जीतने के लिए कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ी।