News

सरकार की इस योजना को फेल कराने में लगे बिल्डर, अधर में 60% से ज्यादा हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स

नई दिल्ली (13 नवंबर): आजादी के 75 साल पूरा होने के मौके पर 2022 तक मोदी सरकार सभी लोगों को घर मुहैय्या कराना चाहती है। लेकिन सरकार की इस योजना को प्राइवेट बिल्डर पलीता लगाने में जुटे हैं। एक सर्वे के मुताबिक देश के 50 शहरो में 62 फीसदी से ज्यादा आवासीय परियोजनाएं बिल्डरों की मनमानी की वजह से कई सालों अधर में लटका हुआ है।

रियल एस्टेट रिसर्च फर्म 'फाइट फॉर रेरा' के ताजा सर्वे के मुताबिक 30 फीसदी से ज्यादा अंडरकंस्ट्रक्शन अपार्टमेंट्स दो या इससे भी अधिक साल से अटके पड़े हैं। फाइट फॉर रेरा के अध्यक्ष अभय उपाध्याय के मुताबिक दो या ज्यादा वर्षों से अटके पड़े फ्लैट्स और घरों में भारी संख्या उनकी है जिनमें चार-पांच से भी ज्यादा वक्त से काम चल रहा है। रेरा का भी मकसद यह सुनिश्चित करना है कि नए प्रॉजेक्ट्स में लेट-लतीफी नहीं हो।'

केंद्र सरकार ने हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया कि अकेले महाराष्ट्र में 5.3 लाख अंडरकंस्ट्रक्शन प्रॉजेक्ट्स अटके हैं और इनमें 20 प्रतिशत से ज्यादा प्रॉजेक्ट्स के पूरे होने में तीन साल से ज्यादा की देरी हो चुकी है। कोर्ट ने आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय को इसकी विस्तृत जानकारी और लंबित पड़ी परियोजनाओं की सही संख्या बताने का निर्देश दिया। 


Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram .

Tags :

Top