'मक्का में पैगम्बर के परिजनों के घर तोड़े, तीसरे खलीफा के घर की जगह 50 मंजिला इमारत'

नई दिल्ली (6 मार्च): मुसलमानों के सबसे पवित्र स्थान मक्का में पैगम्बरों के परिजनों और सहाबियों के घरों को ध्वस्त कर दिया गया है। 'पार्सटुडे डॉट कॉम' ने ब्रिटेन की एक पत्रिका इकोनॉमिस्ट के हवाले से लिखा है कि मक्का में मुसलमानों के पवित्र स्थलों को सऊदी शाही परिवारों के हाथों अधिक आय के लिए ध्वस्त किया जा रहा है। इकोनोमिस्ट पत्रिका ने एक रिपोर्ट में बताया है कि मक्के के गवर्नर प्रिंस ख़ालिद बिन फ़ैसल आले सऊद ने मक्के में गगन चुंबी और मॉडर्न इमारतें बनाने के उद्देश्य से अब्हा के प्राचीन मुहल्ले को, जिसमें पैग़म्बर के परिजनों और सहाबियों के घर थे, ध्वस्त कर दिया है।

 पत्रिका ने मक्के में नई इमारतों के निर्माण के दौरान इस्लामी व धार्मिक प्रतीकों की अनदेखी किए जाने की ओर इशारा करते हुए कहा है कि नई गगन चुंबी इमारतों ने मुसलमानों के सबसे पवित्र स्थल काबा पर भी अपनी छाया डाल दी है। ड्रिलिंग की मशीनों ने उन स्थानों को भी खोद दिया है जहां कभी पैग़म्बरे इस्लाम की पत्नियां और उनके परिजन रहा करते थे।जबल उमर डेवलपमेंट कंसोरटियम ने, जिसका संचालन सऊदी अरब के शाही व धनाड्य परिवारों के हाथ में है, तीसरे ख़लीफ़ा के घर के स्थान पर 50 मंज़िला दो बिल्डिंगें बनाने की परियोजना में निवेश किया है। इस्लामी प्रतीकों और इमारतों को तोड़े जाने के आरोप पर सऊदी अधिकारियों का कहना है कि पुरानी इमारतों को तोड़ना, विकास की स्वाभाविक क़ीमत है। अतः पुरानी इमारतों को तोड़ कर नई और ऊंची इमारतें बनाई जाएंगी।