कुदरत का करिश्माः रेतीले राजस्थान की धरती उगल रही खौलता पानी

नई दिल्ली (5 मई): सामान्यतः गरम पानी के चश्मे सल्फर के पहाड़ों में पाये जाते हैं या फिर जहां पर ज्वालामुखी के आस-पास पाये जाते हैं। रेगिस्तान में गरम पानी का कुंआ शायद ही सुना होगा। जी, हां राजस्थान के पाली और बीवर के बीच एक गांव में गरम पानी उगलने वाला कुंआ मिला है। प्रकृति के इस अजूबे को गांव वाले और कुँए का मालिक इसे कुदरत का अभिशाप मान कर बैठा है। जबकि ज्योलॉजिस्ट इसे विज्ञान का चमत्कार मान रहे हैं।

भू-भौतिकी वैज्ञानिक डॉक्टर संजय राणा का कहना है कि पाली और आस-पास का इलाका हार्ड रॉक है। संभवतः जमीन के नीचे कुछ ऐसी रॉक्स हैं जिनसे टकराकर पानी गरम हो रहा है। उन्होंने कहा कि जहां गरम पानी निकल रहा है उस इलाके गहन सर्वेक्षण किये जाने की जरूरत है। अगर गरम पानी की मात्रा बहुतायत में हैं तो ज्योथर्मल पॉवर प्रोजेक्ट भी लगाया जा सकता है। इसके अलावा ज्योलॉजी के रिटायर्ड प्रोफेसर पुष्पेंद्र सिंह राणावत ने क्षेत्र का दौरा किया और कहा कि भारत सरकार और ज्योलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) को भी ये पता नहीं है कि राजस्थान ज्योथर्मल एनर्जी के स्रोत हैं। उन्होंनं कहा कि वो अब ये जानकारी भारत सरकार और जीएसआई को भेज कर क्षेत्र का सर्वे कराने का आग्रह करेंगे।