Blog single photo

प्रदर्शन कर रहे जेएनयू के छात्रों पर लाठीचार्ज, कई मेट्रो स्टेशन बंद

फीस बढ़ोतरी को लेकर जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स का संसद मार्च शुरू हो गया है। करीब दो से तीन हजार स्टूडेंट मार्च निकाल रहे हैं। जेएनयू गेट पर लगाए गए बैरिकेड को छात्रों ने तोड़ दिया है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (18 नवंबर):  फीस बढ़ोतरी को लेकर जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स का संसद मार्च चल रहा है। करीब दस हजार स्टूडेंट मार्च निकाल रहे हैं। जेएनयू गेट पर लगाए गए बैरिकेड को छात्रों ने तोड़ दिया है। जेएनयू कैंपस के बाहर धारा 144 लागू कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन, उद्योग भवन, पटेल चौक स्टेशन पर गेट बंद रहेंगे और मेट्रो ट्रेन इन स्टेशनों पर रुकेगी नहीं। छात्रों के विरोध के चलते इन मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है। जेएनयू स्टूडेंट सफदरजंग मकबरे के बाहर इकट्ठा हो गए हैं। इसकी वजह से अरविंदो मार्ग पर ट्रैफिक रोक दिया गया है। सफदरजंग रोड, तुगलक रोड, लोक कल्याण मार्ग भी बंद कर दिए गए हैं। 

अभी तक...

--जेएनयू गेट पर लगाए गए तीन बैरिकेड को छात्रों ने तोड़ दिया। इसके बाद करीब दो घंटे के संघर्ष के बाद छात्रों ने बेर सराय के बैरिकेड को भी तोड़ दिया। इसके बाद छात्रों का मार्च भीकाजी कामा प्लेस फ्लाईओवर तक पहुंच गया है। छात्र संसद की ओर बढ़ रहे हैं।

-प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि हमारी मांगें नहीं मानी जा रही है। इसलिए हम संसद तक मार्च निकालेंगे। छात्रों का हुजूम बेर सराय पर लगाए गए पुलिस की आखिरी बैरिकेड तक पहुंच गया है।

-प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि हमारी मांगें नहीं मानी जा रही है। इसलिए हम संसद तक मार्च निकालेंगे। छात्रों का हुजूम पुलिस की आखिरी बैरिकेड तक पहुंच गया है। छात्र बैरिकेड के ऊपर चढ़ गए हैं और आखिरी बैरिकेड को भी तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

-जेएनयू गेट के बाहर भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। दिल्ली पुलिस ने 9 कंपनी फोर्स तैनात की है। करीब 1200 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के जवान शामिल है। 

छात्रसंघ का कहना है कि फरवरी 2019 के सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक सेकेंड्री और हायर से 94,036 करोड़ रुपयों का इस्तेमाल नहीं किया गया। सीएजी रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि 7298 करोड़ रुपये रिसर्च और विकास कार्यों में खर्च होने थे जो नहीं हुए।

छात्रसंघ का दावा है कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी ने पब्लिक फंडेड एजुकेशन के दरवाजे विदेशी और कॉर्पोरेट शिक्षा के लिए बंद कर दिए हैं। क्या इसी वजह से ऐसा हुआ है। 5.7 लाख करोड़ बैड लोन और 4 लाख करोड़ टैक्स रिबेट्स कॉर्पोरेट को दिए गए। लेकिन पब्लिक फंडेड एजुकेशन के लिए कुछ नहीं दिया गया।

Tags :

NEXT STORY
Top