बरेली के बाजार में खुलेआम ठेले पर ले गया लाश

लखनऊ(6 अक्टूबर): उत्तर प्रदेश के बरेली में सरकारी अस्पताल की लापरवाही सामने आयी है। बरेली के जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दो लोगो की मौत हो गई। जिसके बाद उनके शवो को ठेले पर ले जाया गया। खुलेआम ठेले वाला दोनों लाशो को ठेले पर रख कर ले गया। वही जिला अस्पताल के सीएमएस ने कहा कि उनके पास कोई गाड़ी के लिए नहीं आया। 

ठेले पर दो लाशों को लेकर खुलेआम भीड़ भाड़ से होकर जाने का नजारा आज बरेली के बाजार में देखा गया। जहां बरेली जिला अस्पताल से पोस्टमार्टम हाउस तक खुले में दोनों लाशो को ठेले पर रख कर भेज दिया गया। यह लाशो को लेकर ठेला बरेली जिला अस्पताल से निकल कर कोतवाली और एसपी सिटी के कार्यालय के सामने से होता हुआ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया गया,  दरअसल बरेली के जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दो लोगो की मौत हुई। जिसके बाद उनके शवो को अस्पताल के मोर्चरी में रखवा दिया गया।

पुलिस के आने के बाद शवो का पंचनामा भरकर जब जिला अस्पताल के मोर्चरी से पोस्टमार्टम हाउस को भेज गया। पोस्टमार्टम हाउस भेजने के लिए अस्पताल की तरफ से कोई गाड़ी का इंतजाम नहीं था। इसलिए दोनों लाशो को ठेले पर रख कर भेज दिया गया। ठेले वाला भी खुले आम दोनों लाशो को ठेले पर रख कर लगबहग दो कि.मी. का बाजार का रास्ते तै करता हुआ पोस्टमार्टम हाउस ले गया। वहीं जब ठेला चालक से पूछा गया की कितने दिनों से लाशो को ठेले पर लाते हो तो उसने वर्षो में गिना दिय।

मृतको के परिजनों का आरोप हैं, कि जब अस्पताल वालो से लाश को ले जाने को गाड़ी मांगी तो गाड़ी न होने कि बात कहकर मना कर दिया। उसके बाद उनके शवो को एक ठेले पर रखकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। और ठेले वाले ने खुलेआम ठेले पर दोनों लाशो को रख कर ले गया। 

आपको बता दें, कि जिला अस्पताल के सीएमएस का कहना हैं, कि उनके पास कोई गाड़ी के लिए नहीं आया। अपना बचाव करते हुए कहा कि मोर्चरी में शव रखने के बाद से पुलिस की जिम्मेदारी की में काम चला जाता है। पर सबसे बड़ी बात यह हैं, कि बरेली में अखलेश सरकार ने एम्बुलेंस दे रखा है। जिससे लाशो को पहुंचाया जाना चाहिए। पर उसके बाबजूद मजबूर लोग ठेले पर लाश ले जाने को मजबूर है। और अधिकारी आंखे मुदे बैठे है।