मर गयी इंसानियत: किसी ने नहीं की मदद, पिता का शव कंधे पर लेकर गया बेटा

नई दिल्ली(9 अक्टूबर): एक बार फिर इंसानियत को शर्मशार करने वाली घटना सामने आई है। पहले ओडिशा का कालाहांडी और फिर यूपी का कानपुर जहां पर सिस्टम पूरी तरह मर गया। और अब जो मामाला सामने आया है वो हमीरपुर से है। 

- हमीरपुर में  एक बेटा अपने बाप की लाश को ले जाने के लिए अस्पताल प्रशासन के चक्कर लगाता रहा लेकिन जब किसी का दिल नही पसीजा तो बाप की लाश को अपने कन्धों पर ही उठाकर चलता बना।

- दरअसल हमीरपुर जिले के मौदहा तहसील के भंभई गांव के रहने वाले राजू अपने 90 साल के बीमार पिता शिवाधार को लेकर मौदहा सामुदायिक स्वास्थ केंद्र गया था जहां पर डॉक्टरों ने उसे गाली देते हुए हमीरपुर के लिए रिफर कर दिया। मजबूर बेटा अपने पिता को सरकारी एम्बुलेंस से हमीरपुर ले गया जहां रास्ते में ही उसके पिता की मौत हो गयी।

- राजू ने एम्बुलेस चालक से पिता की मौत की बात कही और उसको वहीं वापस छोड़ने की बात कही लेकिन एम्बुलेंस चालक जबरदस्ती जिला अस्पताल हमीरपुर तक ले आया और वहीं छोडकर चला गया।

- जिला अस्पताल में मौजूद डॉ ने भी शिवाधार को मृत घोषित कर दिया लेकिन डेड बॉडी ले जाने के लिए कोई वाहन उपलब्ध नही करवाया। राजू अपने पिता की लाश को लिए हुए घंटों तक अस्पताल के मुख्य गेट पर ही खड़ा रहा। डॉ आते जाते रहे लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नही की। लिहाजा राजू वहीं रोता बिलखता रहा और अपने पिता की लाश को कन्धों में ही उठाकर चल दिया।