6 साल बाद जेल से बाहर आए मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक


काहिरा (24 मार्च): तकरीबन 6 साल बाद मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक जेल से बाहर आ गए हैं। 2011 में हुए जन आंदोलन के बाद पद से बेदखल किए गए मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक रिहा हो गए हैं। मुबारक दुनिया को हिला देने वाली अरब क्रांति के बाद सुनवाई का सामना करने वाले पहले नेता थे। उन पर आंदोलनकारियों की हत्या के आरोप की सुनवाई चल रही थी।


89 वर्षीय मुबारक के वकील फरीद अल-दीब ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को सैन्य अस्पताल छोड़ दिया। छह साल में हिरासत का ज्यादातर समय उन्होंने इसी अस्पताल में बिताया था। मिस्र में 25 जनवरी, 2011 को तहरीर चौक पर 18 दिन चले जन आंदोलन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों की भिड़ंत में करीब 850 लोग मारे गए थे।


आंदोलन के बाद सेना ने सत्ता पर कब्जा जमाकर मुबारक को बेदखल कर दिया था। इसके बाद अप्रैल 2011 में मुबारक को गिरफ्तार करके उन पर आंदोलनकारियों की हत्या का अभियोग चलाया गया। 2012 में उन्हें इस मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। बाद में अपीलीय अदालत ने मामले में फिर जांच का आदेश दे दिया और दो साल बाद उन्हें निर्दोष करार दिया। फैसले के खिलाफ अभियोजन पक्ष की अपील पर दो मार्च को मिस्र की ऊपरी अदालत ने अंतिम निर्णय सुनाते हुए उन्हें फिर निर्दोष करार दिया।


इसके अलावा मुबारक और उनके बेटों अला व गमाल को भ्रष्टाचार के एक मामले में 2014 में तीन साल की सजा हुई थी। अपीलीय अदालत ने इस सजा को बरकरार रखा था लेकिन जेल में बिताए गए वक्त को देखते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया गया। फिलहाल दुनियाभर को हिला देने वाली इस अरब क्रांति के ज्यादातर आंदोलनकारी आज की तारीख में जेल में कैद हैं। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि सैकड़ों आंदोलनकारियों को गायब कर दिया गया है।